भारत बंद : कांग्रेस को 21 दलों का समर्थन


हिंसामुक्त रखने का किया आह्वान

नई दिल्ली। कांग्रेस ने देश में पेट्रोल-डीजल के दाम से बढ़ती महंगाई के विरोध में १० सितंबर को आयोजित भारत बंद को हिंसा मुक्त रखने का आह्वान किया है। इस बंद को सफल बनाने के लिए २१ राजनीतिक दलों का उन्हें समर्थन दे रहे है। साथ ही, उन्होंने अन्य विपक्षी दलों से भी बंद को सफल बनाने के लिए समर्थन देने की अपील की है। कांग्रेस का यह बंद बंद सुबह ९.०० बजे से दिन में ३.०० बजे तक होगा। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने रविवार को अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से बंद को सफल बनाने की अपील की है। साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि बंद के दौरान किसी प्रकार की हिंसा न हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने वाली पार्टी है और आम आदमी को कोई तकलीफ न होने पाए।

इन दलों का समर्थन

कांग्रेस के इस भारत बंद को कई चैंबर ऑफ कॉमर्स, ट्रेडर्स एसोसिएशंस और कई राज्यों के स्कूलों ने अपना समर्थन दिया है। सूत्रों की माने तो ‘भारत बंद’ के लिए समाजवादी पार्टी , बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जनता दल सेक्युलर, राष्ट्रीय लोकदल, झारखंड मुक्ति मोर्चा और कई अन्य दल समर्थन कर रहे हैं।

कर्णाटक सरकार ने एतिहातन शिक्षा संस्थानों में छुट्टी रखने का आदेश दिया है।

बंध को राज ठाकरे के समर्थन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने मनसे को भेजा नोटिस, कानून-व्यवस्था न बिगाड़ने सतर्क किया

उधर राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने कल के भारत बंध का समर्थन किया है। इसके लिये पार्टी की ओर से बाकायदा सार्वजनिक पत्र जारी किया गया है। उधर देर शाम महाराष्ट्र सरकार ने मनसे को अधिकृत रूप से धारा 149 के अंतर्गत नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि मुंबई में यदि कल के भारत बंध के दौरान किसी भी प्रकार की कानून और व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति का निर्माण होता है, तो उसके लिये वे जिम्मेदार होंगे।

बंद सुबह ९ बजे से ३ बजे तक

माकन ने कहा कि बंद पूर्णतया शांतिपूर्वक होगा और इस दौरान आम यातायात को बाधित नहीं कि जाएगा। उन्होंने कहा कि वे खुद सुबह १० बजे से दिल्ली में करोलबाग पेट्रोल पंप पर रहेंगे। पेट्रोल पंप मालिकों से भी बंद में शामिल होने की अपील की गई है। बंद सुबह ९.०० बजे से दिन में ३.०० बजे तक होगा ताकि आम जनता को दिक्कत नहीं हो। माकन ने बताया कि कांग्रेस को इस देशव्यापी बंद में २१ राजनीतिक दल शामिल होंगे, जो बंद को सफल बनाने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने सभी विपक्षी दलों से इस बंद को सफल बनाने के लिए अपना समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह बंद कांग्रेस का नहीं बल्कि सभी दलों का है।

जीएसटी में लाएं पेट्रोल-डीजल

माकन ने कहा कि कांग्रेस ने मांग की है कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंदर लाया जाए। उन्होंने कहा कि अभी भी ४० फीसदी वस्तुएं जीएसटी से बाहर हैं, उन्हें भी जीएसटी में शामिल किया जाए। माकन का कहना है कि डालर के मुकाबले रुपए का लगातार गिरना लगातार जारी है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है।

२०१३ में जब रुपए में गिरावट आई थी तो मोदी ने कहा था कि कांग्रेस ने भारतीय मुद्रा को आईसीयू में पहुंचा दिया है, लेकिन मोदी सरकार के वक्त में तो रुपया सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

कर्नाटक, पंजाब और पुड्डुचेरी में वैट दर १७ प्रतिशत

माकन ने कहा कि भाजपा सभी राज्यों से पेट्रोल-डीजल पर वैट की दरों में कटौती करने की बात कहती है, लेकिन खुद उनके राज्यों में वैट सबसे ज्यादा है। माकन का कहना है कि भाजपा शासित १९ राज्यो में वैट की दरें २७ प्रतिशत हैं, जबकि कांग्रेस शासित राज्यों कर्नाटक, पंजाब और पुड्डुचेरी में पेट्रोल-डीजल पर वैट की दर १७ प्रतिशत ही है। उन्होंने कहा कि यूपीए के शासनकाल में कच्चे तेल की कीमतें आज की कीमतों से कहीं ज्यादा थीं, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें इस तरह से बेतहाशा नहीं बढ़ीं।

सरकार ने टैक्स से कमाए ११ लाख करोड रुपए

मई २०१४ से लेकर पेट्रोल पर अभी तक एक्साइज ड्यूटी में २११.७ फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। जो मई २०१४ में ९.२ रुपए प्रति लीटर थी, जो अब १९.४८ रुपए प्रतिलीटर तक पहुंच चुकी है। जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी मई २०१४ से अभी तक ४४३.०६ प्रतिशत बढ़ चुकी है। मई २०१४ में डीजल पर ३.४६ रुपए की एक्साइज ड्यूटी लगती थी, जो अब बढ़ कर १५.३३ रुपए पहुंच चुकी है। मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स लगा कर ११ लाख करोड़ रुपए की कमाई की है। वहीं उन्होंने अमित शाह के शनिवार को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी में दिए बयान पर बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार ने मेक इन इंडिया को खत्म कर दिया। यूपीए के दौरान १०८ राफेल विमानों का समझौता हुआ था, जिसमें पब्लिक सेक्टर की कंपनी हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड को देश में ही विमानों का निर्माण करना था, लेकिन मोदी सरकार ने यह कॉन्ट्रैक्ट अपने चहेते मित्र को देकर मेक इन इंडिया को खुद ही खत्म कर दिया।

गौरतलब है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब तक उच्चतम स्तर पर हैं। दिल्ली में शनिवार को पेट्रोल की कीमत ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में ३९ पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद अब यहां पर पेट्रोल ८० रु के पार बिक रहा है। दिल्ली में ऐसा पहली बार हुआ है कि पेट्रोल की कीमतें ८० रु प्रति लीटर के पार पहुंची है। फिलहाल यहां पर पेट्रोल की कीमत ८०.३८ रु प्रति लीटर है। वहीं डीजल के दामों में ४४ पैसे की बढ़ोतरी हुई। दिल्ली में डीजल आज ७२.५१ पैसे प्रति लीटर बिक रहा है।

मुंबई की बात करें तो यहां पर भी पेट्रोल की कीमत में ३८ पैसे की बढ़ोतरी हुई है। देश की आर्थिक राजधानी में पेट्रोल की आज की कीमत ८७.७७ रु प्रति लीटर है। जबकि डीजल ४७ पैसे की बढ़ोतरी के साथ ८७.३९ रु प्रति लीटर बिक रहा है। पिछले एक महीने में डीजल की कीमत में जहां ४ रु प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है तो वहीं पेट्रोल की कीमत में ३ रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।