किसी जमाने में एनकाउंटरों के लिये मशहूर रहे परमबीर सिंह के हाथें में मुंबई की कमान


90 के दशक में मुंबई में एनकाउंटरों के लिये मशहूर सीनीयर आईपीस परमबीर सिंह को मुंबई के पुलिस कमिश्नर पर आरुढ किया गया है। वे संजय बर्वे की जगह लेंगे। संजय बर्वे को निवृत्ति से पहले दो बार एक्सटेंशन भी मिल चुका है।

1988 बैच के परमबीर सिंह इससे पहले ठाणे के पुलिस आयुक्त और एसीबी के महानिदेशक भी रह चुके हैं। परमबीर सिंह को मालेगांव बम ब्लास्ट के दौरान एटीएस की कार्रवाई की मुख्य धरी के रूप में पहचाना जाता है। उस समय एटीएस के अगुवा भले हेमंत करकरे रहे हों, लेकिन जांच का मुख्य जिम्मा परमबीर सिंह ही संभाले हुए थे। वे उस वक्त एटीएस के डीआईजी थे।

90 के दशक में एक जांबाज अफसर के रूप में परमबीर सिंह ने काफी नाम कमाया। वे उस वक्त अंडरवर्ल्ड गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिये गठित स्पेशल ऑपरेशन स्क्वॉड के सदस्य भी थे। इस टीम ने कई एनकाऊंटरों को अंजाम देकर मुंबई में कुख्यात अंडरवर्ल्ड की कमर ही तोड़ कर रख दी थी। परमबीर सिंह ने ही दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को गिरफ्तार किया था और डॉन अरूण गवली के खिलाफ भी ऑपरेशन चलाये थे।

अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों और उसमें शामिल लोगों के बारे में पूरी जानकारी रखने वाले परमबीर सिंह के मुंबई पुलिस कमिश्नर बनने से अवश्य ही उनके अनुभव का लाभ विभाग को मिलेगा।