मुलक्कल के खिलाफ रेप केस में बयान देने वाले पादरी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत


नन रेप केस के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ बयान देने वाले फादर कुरियाकोस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।
Photo : IANS

तिरुअनंतपुरम। केरल के चर्चित नन रेप केस के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ बयान देने वाले फादर कुरियाकोस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। कुरियाकोस की लाश सोमवार सुबह 10 बजे उनके जालंधर स्थित कमरे से बरामद की गई।

बताया जाता है कि कुरियाकोस को लगातार धमकियां मिल रही थी और हाल ही में उनकी कार पर कुछ लोगों ने हमला किया था। गौर करने वाली बात यह है कि केरल हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आरोपी फ्रैंको मुलक्कल 17 अक्टूबर को ही जालंधर पहुंचा है।

उसके जालंधर पहुंचने के पांच दिन के अंदर ही फादर कुरियाकोस की मौत हो गई। फादर कुरियाकोस की भाभी ने कहा कि फ्रैंको की तरफ से कुरियाकोस को लगातार धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन लोगों ने पुलिस में केस भी दर्ज करवाया था।

फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली सिस्टर अनुपमा ने कहा उन्हें शक है कि कुरियाकोस की मौत प्राकृतिक मौत नहीं है। नन रेप केस में उन्होंने पीड़िता के पक्ष में बयान दिया था। सिस्टर अनुपमान ने मांग की है कि इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए।

जालंधर डायसिस के पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर एक नन ने सन 2014 से सन 2016 के बीच रेप और अप्राकृतिक सेक्स करने का आरोप लगाया था। जून में कोट्टयाम पुलिस से की गई शिकायत में नन ने आरोप लगाया था कि बिशप ने मई 2014 में कुराविलंगाड गेस्ट हाउस में उनके साथ रेप किया था और इसके बाद भी वह उनका यौन शोषण करते रहे।

इस मामले में नन ने पोप को भी पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। मामला आगे बढ़ता देख मुलक्कल ने पोप को पत्र लिखकर कुछ समय के लिए अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद उसने पद छोड़ दिया था। इस मामले में केरल पुलिस ने मुलक्कल को 19 सितंबर को पेश होने का समन भेजा था।

तीन दिन की पूछताछ के बाद केरल पुलिस ने मुलक्कल को 21 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया था। करीब 21 दिन के बाद केरल हाईकोर्ट ने 15 अक्टूबर उसे सशर्त जमानत दे दी थी।

-ईएमएस