देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन-18 नए साल में ट्रैक पर भरेगी रफ्तार


रफ्तार के नाम से जाने जाने वाली देश की बहुप्रतीक्षित पहली सेमी हाईस्पीड रेलगाड़ी, ट्रेन-18 का अब नए साल जनवरी-2019 में ही शुभारंभ हो पाएगा।
Photo/Twitter

नई दिल्ली। रफ्तार के नाम से जाने जाने वाली देश की बहुप्रतीक्षित पहली सेमी हाईस्पीड रेलगाड़ी, ट्रेन-18 का अब नए साल जनवरी-2019 में ही शुभारंभ हो पाएगा। पहले ट्रेन-18 के 29 दिसंबर से चलने की संभावना जताई जा रही थी। सूत्रों ने बताया कि ट्रेन की अधिकतम गति अभी 130 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। 160-200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम यह ट्रेन 180 की रफ्तार को पार कर चुकी है। यह ट्रेन मौजूदा शताब्दी एक्सप्रेस का स्थान लेगी।

सूत्रों के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) की रिपोर्ट को बोर्ड द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद ट्रेन-18 के जनवरी में चलने की संभावना है। रिपोर्ट में कई शर्तें रखी गई हैं व सुझाव दिए गए हैं। ट्रेन को 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने से पहले उन सुझावों पर अमल करना होगा।

सीसीआरएस ने ट्रेन को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने को हरी झंडी दिखा दी है, लेकिन 20 शर्तें भी रखी हैं। ट्रैक की बाड़बंदी इनमें एक है। कहा गया है कि ट्रेन को 130 किमी की रफ्तार पर चलाने के लिए प्रमुख जगहों की बाड़बंदी आवश्यक है, ताकि कोई हादसा न होने पाए। बता दें कि ट्रेन-18 को नई दिल्ली-वाराणसी के बीच चलाने का प्रस्ताव है।

16 कोच वाली ट्रेन-18 में दो एग्जीक्यूटिव श्रेणी की बोगियां हैं। एग्जीक्यूटिव कोच में प्रत्येक में 52 सीटें है। यात्रियों के लिए आधुनिक कुर्सियां लगाई गई हैं। इन कुर्सियों को 360 डिग्री के कोण में मोड़ा जा सकता है। चेयरकार वाली अन्य प्रत्येक बोगी में 78 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है।

दूसरी ट्रेनों की तरह ट्रेन-18 में अलग से इंजन लगाने की जरूरत नहीं है। हर तीसरे कोच में इलेक्ट्रिक मोटर लगी है जो ट्रेन को तेजी से खींचती और जल्दी रोकती है। मेट्रो ट्रेन की तरह इसके पहले और आखिरी कोच में ड्राइविंग सिस्टम लगा है, उनमें 44 सीटें दी गई हैं।
हर कोच में दिव्यांगों के लिए दो बाथरूम और बेबी केयर के लिए स्थान दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से छह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। दो इमरजेंसी स्विच है, जिनको दबाकर आपात मदद ली जा सकती है।

– ईएमएस