वसुंधरा राजे के खिलाफ कांग्रेस ने मैदान में जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह को उतारा


राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया की घर में घेराबंदी करने के लिए कांग्रेस ने मानवेंद्र सिंह को झालरापाटन से उतारा है।
(Photo: IANS/Congress)
पिछले माह कांग्रेस के शामिल हुए हैं मानवेंद्र सिंह

जयपुर। राजस्थान में बीजेपी को मात देकर सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस ने सारे दांव चल दिए है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया की घर में घेराबंदी करने के लिए कांग्रेस ने बीजेपी के पूर्व वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को झालरापाटन से उतारा है। कांग्रेस ने शनिवार को राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 32 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की। इससे पहले 152 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट आई थी। इस लिस्ट में पार्टी के अधिकांश विधायकों और बड़े नेताओं के परिवार वालों को टिकट दिया गया था। इस लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली तक पहुंच कर विरोध जताया था। बीजेपी संस्थापक सदस्य के रूप में जसवंत सिंह की बाड़मेर इलाके में एक पहचान रही है, मगर उनके बेटे मानवेंद्र सिंह के कांग्रेस ज्वॉइन करने के बाद बाड़मेर की राजनीतिक परिस्थितियां बदल गईं। मानवेंद्र सिंह बाड़मेर के शिव विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक थे। पिछले महीने 17 अक्टूबर को उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कांग्रेस ज्वाइन कर लिया था।

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बीजेपी का दामन छोड़ने वाले शिव सीट से विधायक मानवेंद्र सिंह पूर्व में बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं। 2004 के लोकसभा चुनाव में मानवेंद्र सिंह के नाम सबसे ज्यादा मतों से जीतने का रिकॉर्ड है। सिंह ने उस समय 2,72000 से भी अधिक मतों से जीत दर्ज की थी। मानवेंद्र सिंह राजनीति के अलावा खेल और पत्रकारिता से भी जुड़े हैं। वे आज भी अंग्रेजी अखबारों के लिए लिखते हैं। वे वर्तमान में राजस्थान फुटबाल संघ के प्रदेशाध्यक्ष होने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी फुटबॉल संघ के उपाध्यक्ष भी हैं। प्रारंभिक पढ़ाई अपने गांव जसोल में करने वाले सिंह ने आगे की पढ़ाई अजमेर के मैयो कॉलेज और फिर लंदन में की।

राजस्थान कांग्रेस के उम्मीदवारों की आई तीसरी लिस्ट में कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच बैलेंस बनाने की पूरी कोशिश की है। यही वजह है कि दोनों के समर्थकों को बराबर बराबर रखा गया है। दूसरी तरफ अशोक गहलोत अपने सबसे करीबी जयपुर के पूर्व सांसद महेश जोशी को हवामहल सीट से प्रत्याशी बनाने में सफल हो गए हैं, लेकिन दूदू से बलात्कार कांड में बरी हुए बाबूलाल नागर को टिकट दिलवाने में सफल नहीं हो पाए। वहां से पायलट कैंप के रितेश बैरवा को टिकट दिया गया है। भीलवाड़ा के रामपाल जाट को भी टिकट दिलवा दिए हैं। पिछली बार सरकार में शामिल रामपाल को अपने घर में हुई एक महिला की मौत के मामले में इस्तीफा देना पड़ा था। इसी तरह से सचिन पायलट ने अर्चना शर्मा और रफीक को मालवीय नगर और आदर्श नगर से टिकट दिलवा दिया है। कांग्रेस इसबार पूरी तरह से अपने स्टैंड पर कायम रहते हुए 2 बार हराने वाले उम्मीदवार को टिकट नहीं देने वाले है। लेकिन कोटा के लाडपुरा से पिछले दो बार से हार रहे गुड्डू नईम को टिकट देने के बदले उनकी पत्नी गुलनाज को टिकट दिया गया है।

टिकट वितरण के बाद कांग्रेस का पूरे राजस्थान में जगह-जगह विरोध हो रहा है लेकिन कांग्रेस नेता स्पर्धा चौधरी को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल कर कांग्रेस ने कड़ा संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्पर्धा चौधरी फुलेरा से टिकट मांग रही थीं मगर टिकट नहीं मिलने पर दिल्ली में सचिन पायलट की गाड़ी के नीचे लेट गई थीं। इसकी वजह से सचिन पायलट नाराज हो गए थे। कांग्रेस ने अबतक 184 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। 16 उम्मीदवारों की घोषणा अभी बाकी है, 12 अल्पसंख्यकों को कांग्रेस ने टिकट दिया है।

– ईएमएस