बेमेतरा में पेंटावेलेंट टीके लगाने के बाद शिशु की मौत!


रायपुर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शिशुओं की लंबी उम्र के लिए लगाए जाने वाले टीके ने ही एक शिशु की जान ले ली। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम ढोलिया में बीते मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों में गांव के नौ बच्चों को टीका लगाया गया था, जिसमें एक माह 18 दिन का शिशु हर्षवर्धन भी शामिल था। बुधवार की सुबह उक्त मासूम की मौत हो गई।

सूत्रों के अनुसार, मासूम की मौत की खबर लगते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया, और कलेक्टर महादेव कावरे ने तत्काल बीएमओ और सीएमएचओ को जांच के लिए गांव भेजा है।  स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि शिशु की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।

सूत्र के मुताबिक, मासूम को पोलियो और पेंटावेलेंट का टीका लगाया गया था। पेंटावेलेंट टीका बच्चों को डिप्थीरिया, काली खांसी, टीटनस, हेपेटाइटिस बी और हिब जैसी 5 जानलेवा बीमारियों से रक्षा करने के लिए है। मंगलवार को टीका लगाने के बाद मासूम हर्षवर्धन रोने लगा और उसे बुखार भी आ गया था, जो अमूमन टीका के बाद बच्चों को होता है। तब परिजनों ने इतना ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब मासूम की तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने नर्स को फोन लगाया और नर्स ने उसकी स्थिति सामान्य बताई।

सूत्र ने कहा कि इसके बाद घर वाले भी बेफिक्र हो गए, लेकिन मासूम रातभर रोता रहा और बुधवार उसकी मौत हो गई। इससे परिजनों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रति भारी आक्रोश है। दरअसल, टीका लगने से पहले मासूम स्वस्थ्य था और उसे कोई परेशानी नहीं थी। मौत के बाद स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने परिजनों से बदसलूकी भी की, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस थाने में मामला दर्ज करा दिया।

-आईएएनएस