अमृतसर रेल हादसा पीड़ितों ने सुनाई आपबीती


अमृतसर रेल हादसे में मरने वाले लोगों के परिजनों ने पाया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों का कीमती गायब लोगों ने गायब कर दिया।
अमृतसर के पास इसी रेल लाईन पर खड़े होकर लोग रावण दहन देख रहे थे। पटाखों की आवाज के कारण ट्रेन की सिटी सुनाई नहीं दी और एक बड़ा हादसा हो गया। (Photo: IANS)

दद करने की जगह घायलों-मृतकों के पर्स, मोबाइल, गहने चोरी में जुट गए थे लोग

अमृतसर (ईएमएस)। अमृतसर में ट्रेन हादसे में मारे गए 61 लोगों में से अब तक 40 लोगों की पहचान कर ली गई है और 36 लोगों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। हादसे के दौरान मानवता को शर्मसार करने वाले किस्से सामने आ रहे हैं। हादसे में मरने वाले लोगों के परिजनों ने पाया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों का कीमती गायब लोगों ने गायब कर दिया। घायलों की मदद के नाम पर घटनास्थल पर पहुंचे बहुत सारे लोगों ने लोगों की सहायता करने की जगह मोबाइल और पर्स बटोरना ज्यादा जरूरी समझा।

हादसे में मरने वाले लोगों के रिश्तेदारों ने बताया कि उनके परिजनों के पार्थिव शरीर पर से लोगों ने गहने, घड़ी और मोबाइल जैसी चीजें गायब कर दी थीं। हादसे में मरने वाले 17 वर्षीय वासु की मां ज्योति कुमारी ने बताया कि प्रशासन और कार्यक्रम के आयोजकों की लापरवाही के चलते ट्रेन हादसे में अपने बेटे को खोया। मुझे बेटे का शव सिविल अस्पताल में मिला लेकिन उसका 20000 हजार रुपए का मोबाइल, पर्स और सोने की चेन गायब थी। कमल कुमार का 19 वर्षीय बेटा तरुण माकन अपने दोस्तों के साथ दशहरा देखने के लिए गया था लेकिन उसके दोस्त उसके शव को गाड़ी में लेकर आए। उसका मोबाइल फोन अभी तक नहीं मिला है।

हादसे में अपने तीन साल की बेटी नंदनी को खोने वाले दीपक के पैर पर भी चोट आई है। दीपक ने बताया कि मैं दशहरा मनाने के लिए बेटा और बेटी के साथ गया था। इस हादसे में बेटी को खो दिया, जबकि बेटा जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। जब मैंने मदद के लिए आवाज लगाई तो कोई मेरे पास आया और मेरी जेब से मेरा मोबाइल फोन ले गया।