अमृतसर रेल हादसा : रेल ड्राइवर ने बयान की पूरी कहानी, लाख कोशिश के बाद भी नहीं रोक पाया ट्रेन!


(Photo: IANS)

पंजाब में एक दिन का राजकीय शोक, परिजनों को पांच-पांच लाख मुआवजा – मरनेवालों की संख्या 70 हुई

डीआरएम ने कहा, दुर्घटना के बाद ड्राइवर ने क्यों नहीं रोकी ट्रेन

चंडीगढ़ (ईएमएस)। अमृतसर रेल हादसे के दौरान घटना स्थल का नजारा तो सबको मालूम है। लेकिन ट्रेन के अंदर उस वक्त क्या माहौल था उसकी जानकारी अब छन कर बाहर आ रही है। इस मामले पर फिरोजपुर के डीआरएम विवेक कुमार ने कहा है कि ड्राइवर ने स्पीड कम की थी। इसके बावजूद कई लोग ट्रेन की चपेट में आ गए। डीआरएम का कहना है कि जहां हादसा हुआ उससे पहले एक मोड़ है, ड्राइवर ९१ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन लेकर आ रहा था, उसने जब लोगों को देखा तो रफ्तार कम करने की कोशिश की और ६८ किमी प्रति घंटे तक ही ला पाया था कि हादसा हो गया। 90 की गति से दौड़ रही ट्रेन को रोकने के लिए कम से कम 625 मीटर की दूरी चाहिए होती है, भीड़ और ट्रेन के बीच इतनी दूरी नहीं थी, कि एमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल किया जा सकता। ड्राइवर अगर एमरजेंसी ब्रेक लगाता तो ट्रेन पलट सकती थी और तब मरने वालों की संख्या और ज्यादा होती। इस हादसे के बाद ट्रेन की रफ्तार १० तक आ गई थी लेकिन लोग ट्रेन पर पथराव करने लगे। गार्ड ने ड्राइवर को बताया कि लोग आक्रोश में हैं और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रेन रोकना ठीक नहीं है। इसके बाद ड्राइवर ट्रेन लेकर अमृतसर पहुंच गया। डीआरएम के मुताबिक ड्राइवर सुरक्षित है, और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वह हादसे के बाद नहीं रुका।

रेल बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने बताया कि ड्राइवर ने हार्न बजा कर लोगों को सावधान करने की बहुत कोशिश की, लेकिन पटाखों के शोर-शराबे में लोगों ने नहीं उस पर ध्यान नहीं दिया।

ट्रैन ड्राइवर ने दर्ज कराया बयान

ट्रेन हादसे में मौत की ट्रेन बनी हावड़ा मेल के ड्राइवर जगवीर सिंह ने बयान दर्ज कराए। लुधियाना रेलवे स्टेशन पर डीटीएम (डिवीजनल ट्रैफिक मैनेजर) ऐ एस सलारिया की निगरानी में उसके बयान दर्ज किए, लेकिन ड्राइवर ने कैमरे के सामने बोलने से इनकार करते हुए कहा कि हादसा हावड़ा मेल से नहीं हुआ है, दूसरी ट्रेन से हुआ है। रेलवे विभाग की तरफ से जांच की रही है। अमृतसर में ट्रेन हादसे के चलते रेलवे ने एहतियात बरतते हुए बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने जालंधर से अमृतसर और अमृतसर से दिल्ली जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दी हैं। कुल 8 ट्रेनें कैंसिल की गई हैं। 5 ट्रेनों का रूट बदला गया है। 10 छोटी दूरी के ट्रेनें भी रोक दी गई हैं।

घायलों से मिलने पहुंचे सीएम अमरिंदर और सिद्धू 

इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और मंत्री नवजोत सिद्धू अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाब के लिए यह वक्त बेहद मुश्किल है। सभी को मिल जुलकर इस मुसीबत का सामना करना होगा। यह एक हादसा था, जिसने पंजाब को कभी न भूल सकने वाला दर्द दे दिया।

शोक संतप्त परिजन। (Photo: IANS)

बता दें कि हादसे में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हैं। अमृतसर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराए गए घायलों में से 40 की हालत गंभीर बताई गई है।

रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। इसके अलावा पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुरेश अरोड़ा और राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर भी घायलों का हाल जानने के लिए गुरु नानक अस्पताल पहुंच गए हैं। इस बीच पंजाब सरकार ने अमृतसर और मनावला के बीच फाटक नंबर 27 के पास हुए हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए पंजाब सरकार ने पांच-पांच लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है।

अमृतसर के पास शुक्रवार को रेलवे की पटरी के पास रावण दहन के दौरान ट्रेन की चपेट में आकर कई लोगों के मारे जाने की घटना के तीन घंटे बाद भी जालंधर-अमृतसर मार्ग पर रेल सेवा पूरी तरह से बाधित रही। रेलवे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कुछ ट्रेनों का जहां रास्ता बदला गया है वहीं कई को जालंधर के पास रोककर रखा गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनास्थल का मंजर यह था कि मात्र पांच सैकंड के समय में वहां अनेक लोग रेलगाड़ी के नीचे कट गए और अनेक घायल हो गए। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। कम से कम 60 से अधिक लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अनेक लोग घायल हो गये। जगह जगह मानव अंग बिखर गए जमीन खून से सन गई। घटनास्थल पर हताहतों और परिजनों की चीत्कार सुन कर वहां यह दृश्य देखने वाले हर किसी का दिल दहल गया। मृतकों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के बताये जाते हैं। बताया जाता है कि विजयदशमी पर्व पर वहां लोगों को रेल पटरी से हटाने के लिये स्थानीय प्रशासन और रेलवे की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री पीयूष गोयल और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विभिन्न दलों के नेताओं, राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों तथा दिल्ली समेत विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपालों एवं मुख्यमंत्रियों ने पंजाब के अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर आज हुए हादसे पर गहरा दुख जताते हुए इसके पीड़ति लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

घायलों को ब्लड की जरूरत

वहीं रेल हादसे में घायल हुए लोगों को गुरु नानक अस्पताल, सिविल अस्पताल, श्री गुरु रामदास अस्पताल सहित कई निजी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। लोगों से आग्रह है कि वे अस्पताल में घायलों को रक्तदान कर सकते हैं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा थी, जबकि भीड़भाड़ वाले इलाके को देखते हुए इसकी रफ्तार कम होनी चाहिए। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। फिलहाल घटनास्थल पर लोग पहुंचकर अपनों की तलाश कर रहे हैं।

सरकारी कार्यालय शनिवार को बंद

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रेल दुर्घटना के कारण शनिवार को राज्य शोक घोषित कर दिया गया है। इसके मद्देनजर शनिवार को राज्य में सभी सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रेल हादसे की राहत और पुनर्वास प्रयासों की निगरानी के लिए एक संकट प्रबंधन समूह की स्थापना की है। स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा के नेतृत्व में गठित समूह में राजस्व मंत्री सुखविंदर सिंह सरकारिया और तकनीकी शिक्षा मंत्री चरंजीत सिंह चन्नी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस बीच चार हेल्पलाइन जारी की गई हैं, जिन पर हादसे का शिकार हुए लोगों या घायलों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है- बीएसएनएल- 0183-2223171, बीएसएनएल- 0183-2564485, बीएसएनएल- 0183-2440024, बीएसएनएल- 0183-2402927