बिना नुकसान पहुंचाए 25 फीट खिसकाया जाएगा 350 टन का मंदिर


350 टन वजनी मंदिर को उसकी मूल जगह से 25 फीट खिसका दिया जाएगा और मंदिर वैसा का वैसा ही बना रहेगा।
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मदुरै । तमिलनाडू के नारायणपुरम में मदुरै-नाथम एलिवेटेड हाइवे प्रॉजेक्ट के रास्ते में आ रहे एक मंदिर को तोड़ने की नौबत आ गई थी लेकिन अब मंदिर को तोड़ा नहीं जाएगा। 350 टन वजनी इस मंदिर को उसकी मूल जगह से 25 फीट खिसका दिया जाएगा और मंदिर वैसा का वैसा ही बना रहेगा। 21 साल पुराने इस मंदिर को खिसकाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभी इस जमीन से पांच फीट ऊपर खिसका दिया गया है। नेपाल, हरियाणा और बिहार से आई टीम इस खिसकाने में लगी हुई है। बता दें कि रोड प्रॉजेक्ट के लिए सैकड़ों पेड़ काटे जा चुके हैं, जिससे यह तय था कि मंदिर हटाया नहीं गया तो इस तोड़ना ही पड़ेगा। मंदिर के पुजारी ए दामोदरन ने बताया, ‘मंदिर के 15 फीट हिस्से को तोड़ने की बात कही गई थी। कमिटी ने अनुमान लगाया कि इस तोड़कर फिर से बनाने में लगभग 1.2 करोड़ का खर्च आएगा, जोकि इसके निर्माण में लगी लागत का दोगुना है। फिर हमें मंदिर शिफ्ट करने के बारे में जानकारी मिली।’

मंदिर की कमिटी के लोग एलिस नगर में इसी तरह से उठाए गए एक घर को देखने गए। हरियाणा की एक टेक्निकल सपॉर्ट कंपनी और ए अनबिल थर्मालिंगम की इंजीनियरिंग के दम पर मंदिर को शिफ्ट कराने का फैसला लिया गया। इंजिनियर थर्मालिंगम ने कहा, 4225 वर्ग फीट एरिया में बने इस मंदिर की छत तक ऊंचाई 12 फीट जबकि शिखर को मिलाकर इसकी ऊंचाई कुल 25 फीट है। हमारा प्लान है कि इस मंदिर के लिए बगल में ही दूसरी जगह तैयार की जाए और इस वहां शिफ्ट कर दिया जाए। इस पूरे काम में करीब 22 लाख रुपयों का खर्च आएगा। मंदिर को उठाने के लिए 350 जैक लगाए गए हैं और छत को रोकने के लिए 77 सपॉर्ट स्ट्रक्चर्स का इस्तेमाल हो रहा है। शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे मंदिर को खिसकाने की प्रक्रिया शुरू हुई और तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इस तीन फीट खिसकाया गया। हालांकि, इस मंदिर को सिर्फ 15 फीट हटाने की जरूरत है कि लेकिन भविष्य में हाइवे के किसी अन्य काम की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने इस 25 फीट खिसकाने का फैसला लिया है। मंदिर के मुख्य भाग को खिसकाने के बाद तीन छोटे मंदिरों को भी शिफ्ट किया जाएगा। शिफ्टिंग का काम खत्म होने के बाद बेस फिलिंग का काम किया जाएगा।

– ईएमएस