धारवाड़ दुर्घटना में 62 घंटे में जिंदा निकला एक शख्स


कर्नाटक के धारवाड़ में 19 मार्च को ढही इमारत के मलबे से 62 घंटों के बाद एक शख्‍स को जिंदा निकाल लिया गया।
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बेंगलुरु। कर्नाटक के धारवाड़ में 19 मार्च को ढही इमारत के मलबे से 62 घंटों के बाद एक शख्‍स को जिंदा निकाल लिया गया। इस दुर्घटना में 14 लोगों की जानें जा चुकी हैं। जबकि 12 लोग लापता हैं। बचाव कार्य के दौरान अभी तक 56 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा चुका है। मरने वाले अधिकतर उत्तर भारतीय मजदूर हैं जो इमारत में टाइल्‍स लगा रहे थे। कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी घटनास्‍थल का मुआयना करने के बाद इसके न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

पीड़‍ितों के परिजानों से बात करते हुए मुख्‍यमंत्री ने कहा, मैं चुनावी आचार संहिता लागू होने की वजह से मुआवजे की घोषणा नहीं कर सकता पर मैंने राज्‍य के चीफ सेक्रटरी को उचित मुआवजे की घोषणा करने को कह दिया है। इमारत के चार मालिकों और बिल्डिंग के डिजाइन इंजीनियर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। मालिकों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है वहीं इंजीनियर को पुलिस कस्‍टडी में ले लिया गया है।

उप पुलिस कमिश्‍नर दीपा चोलान ने बताया, कुल 14 लोगों की मौत हुई है। गुरुवार को दो लोगों को बचाया था। तीन और लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। उन्‍हें ऑक्सिजन और ओआरएस का घोल दिया है। बचाव कार्य चल रहा है। खबरों के मुताबिक, यह चार म‍ंजिला इमारत कांग्रेस के पूर्व मंत्री विनय कुमार कुलकर्णी के एक रिश्‍तेदार की है। इसकी ऊपरी दो मंजिलें मंगलवार को दोपहर बाद 3 बजे के आसपास ढह गई थीं। घटिया निर्माण सामग्री का इस्‍तेमाल इसकी बड़ी वजह बताया जा रहा है।

– ईएमएस