मात्र एक महीने के अंदर कोरोना ने छीने माता-पिता, 7 साल की बच्ची के ऊपर अब नवजात की ज़िम्मेदारी

(Photo Credit : indiatimes.com)

कोरोना संक्रमण के दौरान ही माता ने दिया था बच्चे को जन्म, पत्नी के निधन के कुछ दिन बाद ही हुआ पति का निधन

कोरोना के कारण देश भर में कई लोगों ने अपनों को खोया है। कई किस्सों में कोरोना के कारण पूरे के पूरे परिवार ही मृत्यु को प्राप्त हुये हो ऐसा भी हुआ है। कुछ ऐसा ही हुआ ओड़ीशा में रहने वाली 7 साल की कृष्णा के साथ। कृष्णा के माता-पिता की एक महीने के भीतर ही मृत्यु हो गई, जिसके चलते अब अपने दो महीने के भाई और खुद की ज़िम्मेदारी खुद कृष्णा पर आ गई है। 
कृष्णा की माँ स्मिता कटक एक एक अस्पताल में नर्स थी, जबकि पिता ईस्ट कोस्ट रेलवे में थे। 9 अप्रैल को गर्भवती स्मिता कोरोना संक्रमित हुई थी। जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया, यहाँ इलाज के दौरान स्मिता ने एक पुत्र को जन्म दिया। पुत्र के जन्म के बाद उसका कोरोना रिपोर्ट करवाया गया, जो की निगेटिव आया। पुत्र के निगेटिव आने के कारण परिवार के सभी लोग काफी खुश थे। हालांकि इसके बाद भी स्मिता का कोरोना का इलाज चलते रहा। जहां मई महीने में स्मिता की मृत्यु हो गई। 
पत्नी की मृत्यु के बाद कृष्णा के पिता अपने बच्चों के साथ आने गाँव लौट आए। जहां एक सप्ताह के बाद वह भी कोरोना संक्रमित हो गए। जिसके चलते पहले तो उन्हें रेलवे के कोविड अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जिसके बाद हालत बिगड़ने के कारण उन्हें एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। जहां 9 जून को उनकी भी मौत हो गई। मात्र एक ही महीने में कृष्णा ने अपने माता और पिता दोनों को खो दिया, जिसके बाद अब वह और उसका दो महीने का भाई उनकी चाचा की देखभाल में है। 
चाचा भी एक दिहाड़ी मजदूर है। जिनके लिए कृष्णा और उसके नवजात भाई को पालना आसान नही है। जिसके चलते उसने सरकार से मदद भी मांगी है। 

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