यूपीएससी : ससुराल में घरेलु हिंसा का शिकार, पति के साथ तलाक का केस फिर भी पास की देश की सबसे कठिन परीक्षा, जानिए शिवांगी की प्रेरणादायक कहानी

शिवांगी गोयल ने यूपीएससी में 177वां रैंक हासिल कर अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है

दो दिन पहले देश में 2021 के लिए यूपीएससी के परिणाम आये। इसमें बहुत से लोगों ने बजी मारी, उन्हीं में से एक है हापुड़ के पिलखुवा की रहने वाली शिवांगी गोयल। इन्होने यूपीएससी में 177वां रैंक हासिल कर अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। देश के सबसे कठिन परीक्षा को पास करने वाली शिवांगी की कहानी काफी मुश्किल भरी रही।
शादीशुदा होने और घरेलु हिंसा का शिकार बन चुकी शिवांगी ने बताया कि उनका तलाक का केस भी चल रहा है और उनकी एक बेटी भी है। फिलहाल वो अपने ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर वह अपने मायके में रह रही है। शादी से पहले से आईएएस बनने का सपना देखें वाली शिवांगी ने दो बार परीक्षाएं भी दीं लेकिन दोनों बार वह असफल रहीं। इसके बाद उनकी शादी हुई और घरेलु हिंसा के बाद वह अपनी 7 वर्षीय बेटी के साथ मायके आ गईं। घर आने पर पापा ने यूपीएससी तैयारी के बारे में प्रेरित किया। शिवांगी ने बताया कि यह उनका तीसरा अटेंप्ट था। इस दिन का वह बचपन से सपना देखती थीं। मेहनत और लगन के बाद आखिर वह दिन आ ही गया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और बेटी रैना अग्रवाल को दिया।
आपको बता दें, हापुड़ के कस्बा पिलखुवा के बस स्टॉप के पास रहने वाली शिवांगी गोयल के पिता राजेश गोयल व्यापारी हैं और उनकी माता होम मेकर हैं। शिवांगी ने बताया कि जब वे स्कूल में थीं तो उनकी प्रिंसिपल ने उन्हें यूपीएससी की तैयारी करने को कहा था। तभी से आईएएस बनना उनका सपना था। यूपीएससी पास करने के लिए उन्होंने सेल्फ स्टडी की और उनका सब्जेक्ट सोशियोलॉजी रहा है।
यूपीएससी पास करने के बाद उन्होंने समाज में उन शादीशुदा महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि वो चाहती है कि यदि उनके साथ ससुराल में कुछ भी गलत हो रहा तो वे डरें नहीं, उन्हें अपने अपने पैरों पर खड़े होकर दिखाएं। महिलाएं चाहें तो कुछ भी कर सकती हैं। सच्ची लगन से पढ़े और मेहनत करें तो आईएएस बन सकती हैं। शिवांगी का कहना है “आज मैं खुश हूं कि मेरे UPSC क्लीयर करने से मेरा भविष्य संवर गया।''

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