अपने मालिक से बदला लेने के लिए लड़के ने उसके 5 साल के बच्चे की ली जान, अपराध के पीछे का कारण ये था

प्रतिकात्मक तस्वीर

अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश), 21 फरवरी (आईएएनएस)| अलीगढ़ से एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है। यहां के रघुपुरा गांव में दो किशोरों ने मिलकर अपने मालिक या नियोक्ता से बदला लेने के लिए उसके पांच साल के बेटे की हत्या कर दी क्योंकि दोनों इस बात से परेशान थे कि वह उनके पिता अपने खेतों में काम करवाने के एवज में महज 30 से 50 रुपये का ही भुगतान करता था। क्राइम सीरियल देखने के बाद आरोपी किशोरों ने इस हत्या को अंजाम दिया। शनिवार दोनों को जुवेनाइल बोर्ड के सामने पेश करने के बाद गिरफ्तार कर किशोर सुधार गृह भेज दिया गया।

अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश), 21 फरवरी (आईएएनएस)| अलीगढ़ से एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है। यहां के रघुपुरा गांव में दो किशोरों ने मिलकर अपने मालिक या नियोक्ता से बदला लेने के लिए उसके पांच साल के बेटे की हत्या कर दी क्योंकि दोनों इस बात से परेशान थे कि वह उनके पिता अपने खेतों में काम करवाने के एवज में महज 30 से 50 रुपये का ही भुगतान करता था। क्राइम सीरियल देखने के बाद आरोपी किशोरों ने इस हत्या को अंजाम दिया। शनिवार दोनों को जुवेनाइल बोर्ड के सामने पेश करने के बाद गिरफ्तार कर किशोर सुधार गृह भेज दिया गया।

खबरों के मुताबिक, पांच साल के आदित्य का पहले अपहरण किया गया और इसके बाद दोनों ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने वाले बच्चे 16 और 13 साल के हैं। आदित्य के पिता बलिस्तर को पता नहीं चल पा रहा था कि किसके द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया होगा और इसलिए उन्होंने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

प्राथमिकी आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) के तहत दर्ज की गई थी। दो दिन बाद एक ट्यूबवेल पर लड़के का शव बरामद हुआ। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शुभम पटेल ने कहा कि पूछताछ के दौरान लड़कों ने आदित्य की हत्या करने की बात को कबूला। उन्होंने उसे उसके घर के बाहर से अगवा किया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे आदित्य के पिता से परेशान थे और बदला लेने के लिए उसके एक बेटे को मारने का फैसला किया था। पुलिस ने कहा कि चूंकि आदित्य अपने दो भाई-बहनों में छोटा था, इसलिए उसे निशाना बनाया जाना आसान था।

आरोपी लड़के आदित्य को सरसों के खेत में ले गए जहां उन्होंने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में, वे शव को पास के एक जंगल में लेकर गए और उसे एक प्लास्टिक की थैली में डालकर गड्ढे में गाड़ दिया। 14 फरवरी को गांव में यह बात फैली कि किसी तांत्रिक ने पीड़ित परिवार को बताया है कि उन्हें ट्यूबवेल के पास अपना बेटा मिलेगा। यह सुनने के बाद आरोपियों ने शव को गड्ढे से बाहर निकाला और सबूत मिटाने के लिए उसके कपड़े और चप्पल को जलाने की कोशिश की और उसके शरीर को पास के एक ट्यूबवेल पर छोड़ दिया।

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