फरवरी 2023 से बसों में लगेगी ये सिस्टम, ताकि आग की दुर्घटनाओं में जान-माल का नुकसान हो कम

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)

बसों में यात्रियों के बैठने के हिस्से में भी फायर डिटेक्श्न और एलार्म सिस्टम लगाना हुआ अनिवार्य

बसों में आग लगने और उसके कारण जान और माल को होने वाले नुकसान से हम सब वाकिफ हैं। पिछले सप्ताह ही सूरत के मोटा वराछा इलाके में भरे बाजार एक यात्री बस में आग लग गई थी। इस हादसे में एक युवती की जान चली गई थी, जो चाह कर भी बस की खिड़की से आपातकाल में बाहर न निकल सकी। बसों में आग की घटनाओं के विभिन्न कारण हो सकते हैं, लेकिन सरकार इस बात को लेकर गंभीर है और अब रोड़ ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय नया नियम लागू करने जा रहा है। 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2023 से लंबी दूरी की यात्री और स्कूली बसों में फायर डिटेक्शन और एलार्म सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस बाबत एक अधिसूचना भी जारी की गई है। इस नियम का उद्देश्य यही है कि आग की वारदात होने पर समय रहते एलार्म बज उठे और यात्रियों को बच कर निकलने का पर्याप्त समय मिल जाए। अब तक फायर डिटेक्शन, एलार्म और आग बुझाने का सिस्टम बस के इंजन वाले हिस्से में लगाना अनिवार्य था। लेकिन अब यात्रियों की सीटों के हिस्से में भी इसे अनिवार्य किया जा रहा है। 
आपको बता दें कि नई व्यवस्था के तहत बसों में पानी की टंकी भी स्थापित की जायेंगी और बसों के भीतर अलग-अलग जगहों पर दबाव के साथ नोजल के द्वारा जरूरत पड़ने पर पानी का छिड़काव हो सकेगा। बसों में थर्मल सैंसर और गरमी को नियंत्रण करने का सिस्टम भी लगा होगा जो मानवीय रूप से या ऑटोमेटिक संचालित किया जा सकेगा।

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