गुजरात से इंजेक्शन के लिए 10 राज्य है वेइटिंग में

(Photo: IANS)

गुजरात में खुद ही किल्लत और इंजेक्शन जा रहे दूसरे राज्यों में

कोरोना के कारण गुजरात में खुद ही मरीज इंजेक्शन के लिए परेशान है ऐसे में गुजरात के सामने अन्य कई राज्य में शिविर इंजेक्शन के लिए हाथ फैलाकर खड़े हुए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर विमान भेजकर गुजरात से 14000 मेडिसिन इंजेक्शन मंगाए थे। 30 अप्रैल तक भारत के 10 राज्यों में से गुजरात से 193400 इंजेक्शन की मांग की गई है। भारत सरकार की ओर से यह कोटा फिक्स किया गया है। गुजरात में रेमेडेसिविर इंजेक्शन का उत्पादन निजि कंपनी करती है।
भारत सरकार ने आरोग्य मंत्रालय ने 21 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 10 दिन में इन कंपनियों के द्वारा उत्पादित 327400 रेमेडेसिविर से गुजरात को 120000 दिया है जबकि अन्य राज्यों को 207400 आवंटित कर दिए। जिसमें कि बिहार ने विमान इंजेक्शन भेजकर मंगा लिए हैं। गुजरात को सिर्फ 120000 मिले है। इसके अलावा महाराष्ट्र और गोवा सहित अन्य राज्यों में से 43500 इंजेक्शन मिलेंगे। कुल मिलाकर गुजरात को 30 अप्रैल तक 163500 इंजेक्शन मिलेंगे। गुजरात,महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित के राज्यों ने अप्रैल के दूसरे सप्ताह से इंजेक्शनों की बिक्री इस्तेमाल आदि पर प्रतिबंध लगाने के कारण केंद्र सरकार ने इनका कंट्रोल अपने हाथ ले लिया है और आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार राज्यों को इंजेक्शन आवंटित किए जा रहे हैं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को पत्र लिखकर गुजरात के मैन्युफैक्चर से ऑक्सीजन के इक्विपमेन्ट का आर्डर पूरा करने की मांग की है। उन्होने बताया है कि रांची में भी पूर्ण संख्या बढ़ने के कारण वहां मरीज परेशान है वहां पर ऑक्सीजन पर्याप्त है लेकिन नहीं होने से स्थिति बिगड़ रही है। इसलिए जल्दी देने की मांग की है। महाराष्ट्र में कोरोनावायरस बढने के बाद अप्रेल के दूसरे सप्ताह में सबसे पहले गुजरात ने रेमेडेसिविर के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह देखकर महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी अन्य राज्यों में देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस में दरमियान गिरी करते वितरण काम अपने हाथ ले लिया।
बता दे की दिल्ली 20400, एमपी 15000, महाराष्ट्र 50000, राजस्थान 10000, तमिलनाडू 20000, उत्तरप्रदेश 50,000, उत्तराखंड 7000, पश्चिम बंगाल 10000, ओडिस्सा 1000, बिहार 14000, झारखंड में 10000 इंजेक्शन की आवश्यकता है। 

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