गुजरात की सब-रजिस्ट्रार कचहरियों में 15 अगस्त से नया नियम लागू हो रहा है, आप भी जान लीजिये

उप पंजीयक कार्यालयों में दस्तावेजों के पाठ सहित सभी विवरणों की ऑनलाइन प्रविष्टि के लिए पिछले 1 मई से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था अब इसे 15 अगस्त से सभी उप पंजीयक कार्यालयों में लागू कर दिया जाएगा

15 अगस्त से प्रदेश के सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीकरण के नियमों में बदलाव लागू हो जाएगा। राज्य उप पंजीयक कार्यालयों में संपत्ति की बिक्री, मुख्तारनामा, बख्शीलेख सहित दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए अब 15 अगस्त, 2022 से आवेदक को दस्तावेजों की ऑनलाइन प्रविष्टि करने के बाद नियुक्ति के अनुसार पंजीकरण के लिए उप पंजीयक कार्यालयों में जाना होगा। हालांकि, इस बदलाव से बॉन्ड राइडर्स और वकीलों के काम में इजाफा होगा।
जानकारी के अनुसार उप पंजीयक कार्यालयों में दस्तावेजों के पाठ सहित सभी विवरणों की ऑनलाइन प्रविष्टि के लिए पिछले 1 मई से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। इसे पहले चरण में राज्य के छह उप पंजीयक कार्यालयों में लागू किया गया था। इसके बाद 6 जून से दूसरे चरण में 32 कार्यालयों में, 1 जुलाई से तीसरे चरण में 13 जिलों में और 18 जुलाई से चौथे चरण में 11 जिला उप-पंजीयक कार्यालयों में राज्य के कुल 187 कार्यालयों में लागू किया गया। अब इसे 15 अगस्त से सभी उप पंजीयक कार्यालयों में लागू कर दिया जाएगा।
बता दें कि अब लोग उप पंजीयक कार्यालयों में विभिन्न प्रकार के काम ऑनलाइन करवा सकते हैं जैसे इंडेक्स की कॉपी, दस्तावेजों की कॉपी। अब इन कार्यालयों में भीड़भाड़ कम करने और आउटसोर्सिंग ऑपरेटरों पर बोझ कम करने के लिए नियमों में बदलाव के अनुसार पहले पंजीकरण कराने वाले खुद दस्तावेजों की हार्ड कॉपी लाते थे, अब ऑनलाइन एंट्री के बाद उन्हें इसकी प्रतियां साथ लानी होंगी। जिस दिन उन्हें नियुक्ति मिलती है उसी दिन दस्तावेज स्वयं प्रस्तुत करना होगा।
 सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में आवेदकों को राज्य सरकार के नए वेब पोर्टल garvibeta.gujarat.gov.in पर लॉग इन करना होगा और विभिन्न विवरण दर्ज करना होगा। पोर्टल पर विवरण के अनुसार दस्तावेज़ निर्माता और प्राप्तकर्ता सहित सभी के नाम मैन्युअल रूप से दर्ज करने होंगे। साथ ही गवाहों के नाम पहले से दर्ज किए जाएंगे। इतना ही नहीं, संपत्ति के मूल्यांकन के बाद स्टांप शुल्क भी मैन्युअल रूप से निर्धारित करना होगा। इन सभी विवरणों को पोर्टल पर अपलोड करने के बाद, दस्तावेज़ को प्राप्त करने के लिए एक नियुक्ति करनी होती है और बाद में दस्तावेज़ विवरण सब रजिस्ट्रार को भौतिक रूप से प्रस्तुत करना होगा।

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