टेक्नोलॉजी : घर से स्कूल जाने वाले छात्रों के लिए सुरक्षाकवच बनेगा ये 'स्मार्ट बैग', जानिए इसके फायदे

घर से स्कूल जाते समय छात्रों की सुरक्षा एक बहुत बड़ी चिंता का विषय बना हुआ हैं

एक बच्चे के लिए घर के बाद स्कूल सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है। माता-पिता भी सुरक्षा को ध्यान में रख कर अपने बच्चों के लिए स्कूल का चयन करते हैं। लेकिन घर से स्कूल जाते समय छात्रों की सुरक्षा एक बहुत बड़ी चिंता का विषय बना हुआ हैं। एक तरफ जहां सूरत समेत पूरे गुजरात में पढ़ने वाले छात्रों के साथ आपराधिक घटनाओं में इजाफा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक है। ऐसे में अगर छात्र घर पर या स्कूल में पढ़ रहे हैं तो माता-पिता चिंतित नहीं हैं, लेकिन माता-पिता उस समय चिंतित हैं जब छात्र घर से स्कूल जा रहा है या स्कूल से घर आ रहा है। हालांकि अब अभिभावकों की इस चिंता को डोर करने का एक साधन मिल रहा है। ऐसे तो आज कल स्कूल वाले बस और वैन की सुविधा देते है पर कुछ विद्यालय में छात्र खुद चलकर जाते है। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीपीएस ट्रैकर वाले स्मार्ट स्कूल बैग प्रस्तुत किया गया है। स्मार्ट स्कूल बैग के साथ, माता-पिता पल-पल छात्रों की आवाजाही को ट्रैक कर सकते हैं और वह भी अपने स्मार्ट फोन से। स्मार्ट स्कूल बैग एक बार चार्ज करने के बाद पंद्रह घंटे तक काम करता है।
आपको बता दें कि इस स्मार्ट स्कूलबैग का विशेष ऐप स्मार्ट फोन के साथ-साथ स्मार्ट घड़ियों पर भी चलता है। ऐसे में अगर छात्र सेफ जोन से बाहर जाता है तो उसके माता-पिता के मोबाइल पर तुरंत मैसेज भेजा जाएगा। इसके साथ ही छात्र स्मार्टबैग के पैनिक बटन को दबाकर भी अभिभावकों को अलर्ट कर सकता है।
हमने देखा है कि छात्रों के साथ ऐसी घटना हुई है कि अगर माता-पिता उन्हें फटकारें तो छात्र घर छोड़ने की हिम्मत कर सकता है। या अगर कोई छात्रों को परेशान करता है या वो किसी कारण से परेशान हो जाते है, तो वे आत्महत्या करने के लिए घर से निकल जाते हैं? साथ ही छात्रा के साथ छेड़खानी या रेप जैसी घटना हो सकती है। साथ ही माता-पिता की जानकारी के बिना कोई छात्र स्कूल न जा कर घूमता रहे और समय पूरा होने पर घर चला जाये। गलत संगति से छात्र नशे का शिकार हो जाते हैं। इन तमाम परिस्थितियों में ये स्मार्ट बैग बहुत मददगार रहेगा।

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