सूरत : मोबाइल गेम ही लत से क्या हाल हो जाता है; ‌‌किशोर को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, मानो पागलपन का दौरा पड़ गया!

प्रतिकारात्मक तस्वीर (Photo: pixabay..com)

मोबाइल गेम ज्यादा खेलने के कारण युवक ने गेम में आने वाले किरदारों की तरह व्यवहार करना शुरू कर दिया

आज बच्चे और युवाओं की पसंद में मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलना शुमार है। डिजिटल युग में बिन इंटरनेट सब सून' वाली स्थिति है। पिछले दो दशकों में टेक्नोलॉजी ने हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है। मोबाइल, टैबलेट और स्मार्टफोन जैसी डिवाइस ने छोटे बच्चों में तकनीक की एक्सेसिबिलिटी और उपयोग को बढ़ा दिया है। बच्चों के दोस्त, खेल के मैदान, पार्क, सबकुछ इंटरनेट के एक एप्लीकेशन पर सिमट गया है। आउटडोर गेम्स से ज्यादा तवज्जो अब इनडोर गेम्स को भी नहीं बल्कि इंटरनेट गेम्स को मिलने लगी है। लेकिन इंटरनेट पर मिलने वाले रोमांचक ऑनलाइन गेम्स अब बच्चों के दिलों-दिमाग पर हावी हो रहे हैं। 10 मिनट का गेम कब घंटे-दो घंटों में बदल जाता है उसे पता ही नहीं चलता और यहीं से शुरू होता है गेमिंग एडिक्शन! 
मोबाइल गेम से होने वाले आर्थिक और मानसिक नुकसान के बारे में हम आये दिन सुनते रहते है। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है। मोबाइल गेम ज्यादा खेलने के कारण युवक ने गेम में आने वाले किरदारों की तरह व्यवहार करना शुरू कर दिया और अपने साथियों के साथ शरारती गतिविधियां शुरू कर दी और उसे तुरंत महुवा अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
डीसा-पालनपुर से महुवा क्षेत्र में घुमनर आये सुधीर रणवसिया (22 वर्ष) को खेल खेलते समय नीचे गिरने पर महुवा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में अजीबोगरीब हरकत करने के कारण युवक को तख़्त से हाथ-पैर बांध कर रखना पड़ा। इलाज के दौरान इस युवक ने एक महिला को भी टक्कर मार दी और उसके सिर में चोट लग गई। डॉक्टर ने युवक को प्राथमिक उपचार देकर अन्यत्र रेफर कर दिया।

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