सूरत : ट्रांसपोर्ट शुल्क को लेकर विवर्स व व्यापारी गुत्थम-गुत्था!

प्रतिकात्मक तस्वीर

कपड़ा व्यापारियों ने एक वर्ग की राय, नहीं चुकायेंगे विवरों द्वारा मांगा गया ट्रांसपोर्टेशन शुल्क

सूरत मर्कन्टाइल एसोसिएशन नई व्यापारिक नीति 1 अप्रैल से लागू करेगी 

लगता है कि सूरत के कपड़ा कारोबार में विवरों माल की डिलीवरी के लिये शुल्क का भुगतान कपड़ा व्यापारियों से लेने के निर्णय के बाद इस मामले में दोनों पक्ष गुत्थम-गुत्था हैं। कपड़ा मंडी के व्यापारिक संगठन सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन ने रविवार शाम मनभरी फार्म हाउस के प्रांगण में  एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें फैडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स एसोसिएशन के ट्रांसपोर्ट चार्ज नियम को सिरे से खारिज कर दिया है।  मीटिंग में विवर्स संगठन द्वारा सूरत कपड़ा मार्केट में माल के डिलीवरी चार्ज संबंधी निर्णय पर चर्चा की गई तथा सभी व्यापारियों ने एकमत होकर उपरोक्त डिलीवरी चार्ज नियम का विरोध करने का निर्णय लिया। 

कारोबार की नई गाइडलाईन

बैठक में तय किया गया कि सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन, सूरत कपड़ा मंडी के सभी व्यापारियों से सलाह-मशव‌िरा करने के बाद ट्रेडर्स, वीवर्स व प्रोसेसर्स से संबंधित व्यापार की नई गाइडलाइन तैयार करेगा और उसे एक अप्रेल से लागू किया जाएगा। इस नई गाइडलाइन में सूरत कपड़ा मंडी के हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा। 

सूरत मर्कन्टाइल एसोसिएशन के प्रमुख नरेन्द्र साबू ने कहा कि बहुत ही आश्चर्यजनक बात है कि सूरत के कपड़ा व्यापारी शहर के कपड़ा उद्योग का एक मुख्य घटक हैं। उनके बैगर किसी का व्यापार सम्भव नहीं। बावजूद इसके हर कोई आये दिन अपने नये-नये कायदे कानून व्यापारियों पर थोप देता है और व्यापारी केवल बिलबिला कर रह जाता है। अब सूरत मर्कनटाइल ऐसोसिएशन कपड़ा व्यापारियों के हितार्थ व्यापारियों की सहमति से ट्रेडर्स के लिये नियम तथा शर्तों की गाइडलाइन जारी करेगा। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारियों से सलाह मशविरा करने के बाद सूरत मर्कन्टाइल एसोसिएशन की नई व्यापारिक नीति 1 अप्रैल से लागू की जायेगी।

रविवार 28 फरवरी को सायं मनभरी फार्म हाउस के प्रांगण में सूरत मर्कनटाइल ऐसोसिएशन के प्रमुख नरेन्द्र साबू के नेतृत्व में कोर कमेटी व वर्किंग कमेटी के सभी सदस्यों की उपस्थिति में समस्या समाधान मीटिंग का आयोजन किया गया था। बड़ी संख्या में व्यापारियों ने अपनी-अपनी समस्याएं बैठक में प्रस्तुत कीं। सभी समस्याओं के समाधान के लिए मामले कोर कमेटी तथा वर्किंग कमेटी के पंचों की पैनल को सौंप दिये गये । कुछ शिकायतों को लीगल टीम की एडवाइजर रीना बहन सोलंकी को सलाह मशविरा के लिए ट्रांसफर कर दिये गये। 

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