सूरत : नहीं मिली अतुल बेकरी के मालिक को जमामत, हिट एंड रन मामले में अदालत ने ये टिप्पणी की

शराब पीकर गाड़ी चलाना भले ही किसी को मराने की नियत से ना हो पर इतनी जानकारी तो होनी ही चाहिए कि ऐसा हो सकता है!

सूरत के चर्चित उर्वशी चौधरी हिट एंड रन मामले में जेल में बंद अतुल बेकरी के आरोपी मैनेजर अतुल बकरिया की नियमित जमानत की मांग को मुख्य जिला सत्र न्यायाधीश विमल के व्यास ने खारिज कर दिया है। 
कामवाही के दौरान आरोपी अतुल वेकारिया के बचाव पक्ष ने कहा कि ये पूरी घटना केवल एक दुर्घटना थी। ना ही अभियुक्त ने ये काम जानबूझकर किया था या न ही इस बात की जानकारी थी कि ऐसा कोई परिणाम आएगा। निचली अदालत ने आरोपी के खिलाफ एमवी एक्ट की धारा 304 और धारा 185 के तहत जमानत रद्द कर वारंट जारी करते समय आरोपी को अपने बचाव में कुछ भी कहने की अनुमति नहीं दी। माना आरोपी शराब के नशे में था पर वो नशा इतना घातक या भारी नहीं था कि वह अपने वाहन को नियंत्रित करने में असमर्थ हो जाए। इस पुरे सुनवाई में बचाव पक्ष ने अपने तर्कों के समर्थन में दस से अधिक दलील सुनाए।
आपको बता दें कि मुख्य जिला लोक अभियोजक नयन सुखवाला ने आरोपी अतुल वेकारिया की जमानत के खिलाफ जांच अधिकारी को एक हलफनामा दायर किया था। सरकार पक्ष ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद ये पता चलता हैं कि कैसे आरोपी ने शराब के नशे मने फुल स्पीड में वाहन चलाते हुए जा रहा और टक्कर के बाद लड़की को मोपेट सहित पंद्रह फीट घसीट लिया। ये तो साफ हैं कि आरोपी का खुद पर या वाहन पर कोई नियंत्रण नहीं था क्योंकि दो सिग्नल के बावजूद उसने ब्रेक नहीं लगाया। ये कोई एक दुर्घटना या निर्णय की त्रुटि नहीं है, बल्कि यह एक हत्या का अपराध भी है। इसके आगे सरकार पक्ष ने कहा कि आरोपी घायल का इलाज करने के बजाय अपने अपराध को छुपाने के लिए स्थल से भाग जाता है। ये आरोपी राजनीतिक संबद्धता वाला व्यवसायी है। ऐसे में  अभियुक्त को जमानत देने से गवाहों और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की संभावना है।
आपको बता दें कि मिली 26 अप्रैल के रोज अतुल वेकरिया नवसारी की ओर से अपने फोर व्हीलर में तेजी से आ रहे थे उस दौरान यूनिवर्सिटी रोड पर 28 साल की उर्वशी मनोज चौधरी को जोरदार टक्कर मारी थी। जिसके चलते उसकी मौत हो गई। इसके बाद भी उन्होंने अपनी कार रोकने के बजाय चलाना जारी रखा इस तरह से तीन चार गाड़ियों को ठोक ठोकर मार दी। अंत में लोगों ने को रुकवाया और पेट्रोलिंग कर रही पुलिस वैन को सौंप दिया। इस मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 304(अ) के अंतर्गत केस दर्ज किया था जिसके कारण दूसरे दिन ही अतुल वेकरिया को जमानत मिल गई। इस कारण लोगों में नाराजगी थी। हालांकि, बाद में आरोपी अतुल वेकारिया के खिलाफ ड्रिंक और ड्राइव और हत्या के आरोप के लिए धारा जोड़ने के बाद अदालत की मंजूरी के साथ जमानत रद्द कर दी गई।

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