सूरत : गुरुवार 30 दिसंबर को कपड़ा कारोबारी बंद रखेंगे

टैक्सटाईल उत्पादों पर 1 जनवरी से लागू हो रही है बढ़ी हुई 12% जीएसटी दर कपड़ा उद्यमियों की कर वृद्धि रोकने की गुहार के पक्ष में सरकार की ओर से नहीं मिल रहे सकारात्मक संकेत

सूरत। टैक्सटाईल नगरी सूरत के कपड़ा कारोबारी इन दिनों निराश हैं। जीएसटी काउंसिल ने 1 जनवरी, 2022 से समग्र टैक्सटाईल सैक्टर पर समान 12% ड्युटी लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया हुआ है। वहीं कारोबारियों ने जीएसटी कर में वूद्धि नहीं करने की अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिये एक दिन का बंद रखने का फैसला किया है। 
सूरत के कपड़ा व्यापारियों के सबसे बड़े संगठन फोस्टा ने मंगलवार शाम एक अधिसूचना जारी करते हुए एलान किया है कि टेक्सटाइल फैब्रिक्स, गारमेंट और समग्र टेक्सटाइल उद्योग पर जीएसटी दर 12% करने के विरुद्ध में सूरत शहर के सभी कपड़ा मार्केट गुरुवार 30 दिसंबर, 2021 को बंद रहेंगे। फोस्टा की ओर से देश भर के कपड़ा उद्योग और कपड़ा मंडियों से भी इस बंद में शामिल होने का अनुरोध किया है।
प्रतिकात्मक तस्वीर
उधर कन्फ्रेडेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की ओर सभी एक अधिसूचना जारी करते हुए गुरुवार 30 दिसंबर, 2021 को देशभर में गारमेंट, टेक्सटाइल ट्रेडर्स और फुटवेयर ट्रेडर्स को एक दिन का बंद रखने का आह्वान किया गया है। वहीं देश की राजधानी की दिल्ली की कपड़ा मंडी में भी कारोबारी इसी दिन बंद रखने जा रहे हैं।
ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने इन्वर्टेड ड्युटी स्ट्रक्चर की समस्या से झूझ रहे टैक्सटाइल सैक्टर के लगभग 15% वर्ग की समस्या के निदान के लिये बहुमत 85% सैक्टर को जीएसटी वृद्धि के जंजाल में फंसाने का निर्णय किया है। इससे कारोबारी नाखुश हैं। टेक्सटाईल उद्योग के अग्रणियों का मानना है कि कपड़े पर जीएसटी वृद्धि से न सिर्फ वर्किंग कैपिटल की समस्या पैदा होगा, वरन कारोबार की आखिरी कड़ी समान ग्राहक के लिये कपड़ा महंगा हो जायेगा। छोटे और मझोले कारोबारियों के लिये व्यवसाय में टिकना भी दूभर हो जायेगा।
सूरत के कपड़ा कारोबार से जुड़ी एक और संस्था टैक्सटाइल युवा ब्रिगेड ने भी एलान किया है कि वह बुधवार 29 दिसंबर को सूरत के सरोली स्थित राधारमण टेक्सटाईल मार्केट में सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन करेगी। संस्था का मानना है कि जिस देश में 80 करोड़ लोगों को खाने के लिये सरकारी अनाज देने की जरूरत पड़ रही है, उस देश में दूसरी सबसे बड़ी जरूरत की वस्तु कपड़े पर जीएसटी दर बढ़ाना तर्क संगत नहीं है। संस्था की ओर से गुरुवार 30 दिसंबर को रिंग रोड़ स्थित जापान मार्केट के बाहर काला झंडा फहरा कर विरोध प्रदर्शन भी किया जायेगा।
1 जनवरी, 2022 से कपड़े पर जीएसटी की दर 5 से 12% होने जा रही है और कारोबारियों द्वारा अब तक सरकार के समक्ष कई स्तरों पर पेशकशें की जा चुकी हैं। 30 दिसंबर के बंद रखा जा रहा है। इन प्रयायों का सकारात्मक असर होता है या नहीं। क्या सरकार 31 दिसंबर की रात तक कारोबारियों के पक्ष में फैसला करते हुए जीएसटी में वृद्धि रोकेगी, यह देखने वाली बात होगी।

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