सूरत : दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा एचआर और प्रशिक्षण समिति पर संगोष्ठी का आयोजन

चैम्बर ऑफ कोमर्स के पदाधिकारी

आधुनिक प्रबंधन के रहस्यों से उद्यमियों को परिचित कराने के लिए चैंबर द्वारा 'संगठन में सीखने के विज्ञान' पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया

 वर्तमान युग में जो संस्था या व्यक्ति समय के साथ चलने के लिए नई-नई चीजें सीखने की तत्परता दिखाता है, वह सफलता के शिखर पर पहुंचेगा और उन्नति भी करेगा। सीखने की इच्छा, फिर से सीखने की इच्छा और आगे बढ़ने की इच्छा आधुनिक प्रबंधन की नींव है। इस कोष से उद्यमी और मानव संसाधन (एचआर)  पेशेवरों को सूचित करने के उद्देश्य से दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एचआर और प्रशिक्षण समिति ने समृद्धि, नानपुरा, में 'संगठन में सीखने का विज्ञान' पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई।

रिलायंस, लार्सन एन्ड टुब्रो से प्रतिनिधि उपस्थित रहे


इस पैनल चर्चा में पैनलिस्ट के रूप में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के महाप्रबंधक (एचआर) जुबिन टोडीवाला और लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (हैवी इंजीनियरिंग - आईसी) के जीएम और हेड-एचआर एन्ड ओ.ई. मनीष गौर और श्री रामकृष्ण एक्सपोर्ट्स प्रा. के सीएचसीओ डॉ.  नीरव मंडिर ने  आधुनिक प्रबंधन के रहस्यों के बारे में उद्यमियों और एचआर पेशेवरों का मार्गदर्शन किया गया।

गलति कर्मचारीओं से ही होती है परिस्थिति को जांचना चाहिए


जुबिन टोडीवाला ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि संगठन में कर्मचारियों से गलतियां होती हैं लेकिन प्रबंधन को यह जांचना चाहिए कि गलती किन परिस्थितियों में हुई है। अगर गलती के पीछे की वजह कर्मचारी की सुस्ती है तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है। संगठन में कर्मचारियों की प्रतिभा की पहचान करने के लिए वार्षिक प्रतिभा समीक्षा की जानी चाहिए। कर्मचारियों को एक कदम से दूसरे कदम पर जाने और उनमें नेतृत्व के गुण विकसित करने के लिए नेतृत्व विकास कार्यक्रम चलाया जाना चाहिए। संगठन में कर्मचारियों के लिए जरूरी सॉफ्ट स्किल्स के लिए ट्रेनिंग फेस्टिवल का आयोजन किया जा सकता है।

कर्मचारिओं में भविष्य का नेता चुनना चाहिए


तकनीकी क्षेत्र के बारे में उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी एक अच्छा टेक्नोक्रेट हो सकता है लेकिन जरूरी नहीं कि वह एक अच्छा नेता हो। इसलिए यदि संगठन के 500 में से 50 कर्मचारी भविष्य में नेता बन सकते हैं तो ऐसे कर्मचारियों को आत्मविश्वास लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। सीखना एक ऐसी चीज है जिससे व्यक्ति किसी भी उम्र में नई चीजें सीख सकता है। किसी संगठन या कंपनी में एचआर से निश्चित रूप से परिणाम देता है।

कर्मचारी की क्षमता की जांच करनी चाहिए और उसे बढ़ावा दे


मनीष गौर ने कहा कि आज की पीढ़ी लॉन्ग टर्म नहीं सोचती है। वह जल्द से जल्द शीर्ष पर पहुंचना चाहता है। इसलिए संस्था के एचआर. या प्रबंधन को कर्मचारी की क्षमता की जांच करनी चाहिए और उसे बढ़ावा देना चाहिए। यदि संगठन में उच्च पद पर कार्यरत कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाता है और संगठन में कनिष्ठ पद पर कार्यरत कर्मचारी उसके स्थान पर कार्य करने की इच्छा प्रकट करता है तो ऐसे कर्मचारी को पदोन्नत कर उसके लिए कौशल विकास का अवसर दिया जाना चाहिए। सही कर्मचारी को नेतृत्व के लिए पदोन्नत किया जाना चाहिए।

कर्मचारियों के लिए सलाह और कोचिंग भी महत्वपूर्ण साबित होती है


किसी संगठन में कर्मचारियों के लिए सलाह और कोचिंग भी महत्वपूर्ण साबित होती है। यह भी महत्वपूर्ण है कि कभी-कभी उत्पाद में कोई समस्या होती है और कर्मचारी इसे स्वीकार करता है और संगठन के ध्यान में लाता है। इसलिए संगठन में पारदर्शिता होनी चाहिए। यह कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विश्वास बनाता है। विश्वास हमेशा बातचीत से आता है। काम के लिए टीम की प्रतिबद्धता भी महत्वपूर्ण है। एक संस्था या कंपनी को निस्वार्थ भाव से काम करना चाहिए।

बीस प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जो संगठन के विकास का 80 प्रतिशत बनाते हैं


डॉ. नीरव मंदिर ने कहा, अच्छे कर्मचारियों में निवेश करना होगा और उन्हें साथ लेकर चलना होगा। एक संगठन में बीस प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जो संगठन के विकास का 80 प्रतिशत बनाते हैं, इसलिए ऐसे कर्मचारियों को अन्य कर्मचारियों की तुलना में अलग व्यवहार दिया जाना चाहिए। कई कंपनियों में 80/20 का अनुपात होता है। यदि कर्मचारी निष्ठावान है और अधिक कमाई करना चाहता है, तो उसे अधिक उत्पादन देना होगा। हाल ही में दुनिया की नामी कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की छंटनी को लेकर भी चर्चा हुई थी। जिसके बारे में उन्होंने कहा, सूरत में ऐसी कंपनियां हैं, जहां कोविड-19 के दौरान भी कर्मचारियों की छंटनी नहीं की गई है और न ही उनके वेतन में कटौती की गई है। कंपनी बढ़ी है तो कंपनी ने कर्मचारियों की सैलरी भी बढ़ाई है। ऐसी कंपनियों में कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति तक काम करने के लिए प्रेरित किया जाता है और ऐसी कंपनियां सूरत में हैं।

चैंबर के ग्रुप चेयरमैन मृणाल शुक्ल ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई 


स्वागत भाषण चैंबर ऑफ कॉमर्स के मानद मंत्री भावेश टेलर ने दिया। चैंबर के ग्रुप चेयरमैन मृणाल शुक्ल ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई और सवाल-जवाब सत्र का संचालन भी किया। चैंबर के ग्रुप चेयरमैन संजय गाजीवाला और एच.आर. व प्रशिक्षण समिति सह अध्यक्ष बिपिन हीरपारा ने वक्ताओं का परिचय कराया। एच.आर. अंतिम प्रशिक्षण समिति के सदस्य विशाल शाह ने पैनल चर्चा का संचालन किया। वक्ताओं ने विभिन्न प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर दिया और तत्पश्चात् कार्यक्रम का समापन हुआ।

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