सूरत : नवरात्रि के अवसर पर महारुद्र सहस्रचंडी हवनात्मक महायज्ञ 108 कुंडी का आयोजन

सूरत में न्यु सिटी लाईट रोड पर महारुद्र सहस्त्रचंडी हवनात्मक महायज्ञ स्थल

इसका आयोजन न्यू सिटीलाइट रोड स्थित आशिर्वाद एस्टेट में महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 अनंत विभूति परम पूज्य अवधूत बाबा अरुणगिरिजी महाराज की उपस्थिति में किया जाएगा

नवरात्रि के पवन अवसर पर सूरत के प्रांगण में आद्यशक्ति की पूजा के साथ-साथ पर्यावरण की शुद्धि के लिए महारुद्र सहस्रचंडी हवनात्माक महायज्ञ 108 कुंडी का आयोजन किया है। हवनात्माक महायज्ञ 26 सितंबर से शुरू होगा और 4 अक्टूबर को न्यू सिटीलाइट रोड के आशिर्वाद एस्टेट में समाप्त होगा। 

महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 अनंत विभूति परम पूज्य अवधूत बाबा अरुणगिरिजी महाराज 


इस बारे में जानकारी देते हुए महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 अनंत विभूति परम पूज्य अवधूत बाबा अरुणगिरिजी महाराज ने बताया कि नवरात्रि में जब आद्यशक्त की पूजा का पर्व है तो पूजा के साथ-साथ पर्यावरण की शुद्धि के लिए महारुद्र सहस्रचंडी हवनाटिका महायज्ञ 108 कुंडी का आयोजन किया गया है। जगत जननी मां अम्बे की आराधना महायज्ञ महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 अनंत विभूति परम पूज्य अवधूत बाबा अरुणगिरी महाराज की उपस्थिति में होगी। अवधूत बाबा अरुणगिरी महाराज जिन्हें पर्यावरण बाबा के नाम से जाना जाता है और पर्यावरण शुद्धिकरण के अभियान के अग्रणी हैं। महायज्ञ 26 सितंबर को कलश यात्रा से शुरू होकर 4 अक्टूबर को महाप्रसाद और भंडारे के आयोजन के साथ संपन्न होगा नवरात्रि के नौ दिनों तक महायज्ञ के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है।  

महारूद्र सहस्त्रचंडी हवनात्मक महायज्ञ में अद्भुत यज्ञशाला का निर्माण

 
पर्यावरण बाबा के नाम से ख्याति प्राप्त अवधूत बाबा ने इस महायज्ञ में यज्ञशाला का निर्माण वैदिक रितिरिवाजों के अनुसार कराया गया है। यज्ञशाला के बारे में अवधूत बाबा ने बताया कि 25600 स्क्वायर फुट में यज्ञशाला बनाया गया है। यज्ञशाला में कुल 8 मंडप 33 फुट लंबा और 33 फुट चौड़ा आकार वाले दो मंजिला हैं। प्रधान मंडप 80 फुट लंबा 80 फुट चौड़ा आकार का पांच मंजिला है। यज्ञशाला के निर्माण में 24 फुट ऊंचाई वाले 1000 बांस  650 लकड़ी की ब‌ल्लियां 20 फुट ऊँचाई वाली, 2200 बांस 16 फुट ऊंचाई वाले 250 सरकियां(चटाईयों) से की सहायता से यज्ञशाला तैयार हुआ है । जिसमें एक भी लोहे की किल्ली या अन्य वस्तुओं का उपयोग नही हुआ है। केवल रस्सी और सुतरी से मंडप तैयार किया गया है। 108 कुंड तैयार किये गये हैं जिसमें भी पर्यावरण का ख्याल रखते हुये मिट्टी के कच्चे ईंटो से निर्माण किया गया है। 

कोरोना मृतात्मा की शांति के लिए एक अलग कुंड 


एक कुंड कोरोना मृतात्मा शांति के लिये अलग से बनाया गया है जिसकी लंबाई-चौड़ाई 18 फुट की है। 30 फुट लंबी और 25 फुट चौड़ी अवधूत बाबा की कुटिया बनायी गयी है जिसमें आप निवास करेगें।  90 फुट चौड़ा और 140 फुट लंबा डोम बनाया गया है जहां से अवधूत बाबा प्रवचन करेगें। पूर्णरूपेण शास्त्र प्रमाणित निर्मित यज्ञशाला वास्तव में अद्भूत नयनरम्य व आकर्षण का केंद्र बना है। इतना ही यज्ञशाला में मां दुर्गा के नौ रूपों की प्रतिमाएँ कानपुर से निर्मित होकर स्थापित करने सूरत में पहुंच चुकी है। यह सूरतवासियों के लिये अद्भुत संयोग बना है कि इस महायज्ञ का नवरात्र में दर्शन कर धर्म के प्रति जागरूक होवें।

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