सूरत : होटल-रेस्तरां वालों की तरह कपड़ा कारोबारियों को भी राहत दे सरकार

प्रतिकात्मक तस्वीर

कोरोना की दूसरी लहर के थमने के बाद राज्य सरकार ने पहले से लागू नियंत्रणों में ढील देने की घोषणा की है। ऐेसे में उद्यमियों और व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में व्यापार-धंधा पटरी पर आयेगा। विशेष रूप से सूरत के अर्थतंत्र की मुख्य धूरि माने जाने वाले कपड़ा उद्योग के अग्रणियों का मानना है कि कोरोना के हालात गुजरात सहित अन्य प्रदेशों में भी सुधर रहे हैं। ऐसे में वहां भी बाजार खुलने पर दिसावरी से मांग पैदा होगी और सूरत में कपड़ा कारोबार की सुस्ती छंटेगी।
इसी बीच राज्य सरकार ने ‌पिछले दो दिनों में विभिन्न इंडस्ट्री के लोगों को कुछ राहतें प्रदान की हैं। होटल और रेस्तरां इंडस्ट्री को भी राज्य सरकार ने प्रोपर्टी टेक्स से लेकर कुछ अन्य राहत दी है। इसी से प्रेरित होकर सूरत के कपड़ा कारोबारियों में भी मांग उठी है कि होटल-रेस्तरां वालों की तरह ही कपड़ा कारोबारियों को भी आर्थिक राहत प्रदान की जाए।
एक रिपोर्ट के अनुसार ऑल इंडिया फेडरेशन दिल्ली के वाइस प्रेसिडेंट ताराचंद कासट ने मुख्यमंत्री विजय रूपानी और भाजपा प्रदेश प्रमुख सी आर पाटिल को पत्र लिखकर कपडा उद्यमियों को राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि कपड़ा उद्योग में छाई मंदी के कारण कई व्यापारी अन्य कामकाज की ओर मुड़ रहे है। स्थानीय कपड़ा कारोबार पिछले दो वर्ष से भयंकर मंदी की चपेट में है। आर्थिक प्रतिकुलता के वर्तमान दौर में दुकानों के किराये, कर्मचारियों के वेजन और अन्य नियमित खर्चे जुटा पाना कारोबारियों के लिये टेढ़ी खीर बनता जा रहा है। कपड़ा कारोबारी पिछले लंबे समय से नुकसान वहन कर रहे हैं। ऐेसे सरकार को चाहिये कि होटल-रेस्तरां वालों की तरह ही कपड़ा कारोबारियों को भी टेक्स से राहत दी जाए - प्रोपर्टी टैक्स, बिजली बिल, जीएसटी रिफंड, सरकारी टेक्स में राहत ऐसे पहलु हैं जिनमें कारोबारियों को राहत प्रदान की जा सकती है। 

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