सूरत : आम आदमी पार्टी के 5 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद अब भी संकट टला नहीं है!

आप पार्षदों ने गृह मंत्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में भगवा फीता धारण किया

आप पार्षद विपुल मोवलिया को नोटिस देने के बाद तेज हुआ था घटनाक्रम, उधर सूरत से सटे डांग जिले के आप प्रमुख ने भी इस्तीफा दिया

सूरत महानगर पालिका के विगत महीनों में हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सत्तासीन हुई लेकिन चुनाव का मुख्य आकर्षण रहा था आम आदमी पार्टी की 27 सीटों पर हुई जीत। उक्त चुनाव में कांग्रेस का सफाया हो गया था और आम आदमी पार्टी मुख्य विरोधी दल के रूप में उभरी थी। लेकिन शुक्रवार को शहर में कुछ ऐसे राजनीतिक हालात बने कि अब आम आदमी पार्टी की बढ़ती ताकत संशय में आ गई है।
आपको बता दें कि शुक्रवार शाम को सूरत महानगर पालिका में विजई हुए 27 आप पार्षदों में से 5 पार्षद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। भाजपा के मुख्य कार्यालय में प्रदेश के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में पांचो पार्षदों ने केसरिया धारण किया। इस बीच राजनीतिक हलकों में ऐसी भी चर्चा हो रही है कि बाकी बचे आप पार्षदों में से भी कुछ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में दरार और गहरी होने वाली है।
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो आम आदमी पार्टी में हुई इस टूट के पीछे स्थानीय विमल पटेल नामक चेहरे का बड़ा हाथ है जो आरएसएस के समर्थक भी बताए गए हैं। वैसे तो भाजपा में उनके पास कोई पद नहीं है लेकिन राजनीतिक हलकों में ऐसी चर्चा भी है कि भूतकाल में पाटीदार आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने में भी इन्होंने भूमिका निभाई थी। आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी के अलावा कांग्रेस में भी फूट के आसार व्यक्त किए जा रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के 5 पार्षदों ने जिस प्रकार पार्टी छोड़ी है उसके पीछे अग्रणी आप नेता और पार्षद विपुल मोवलिया के साथ पार्टी में अंदरूनी तौर पर हुई कथित खींचतान को कारण बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सूरत शहर आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष ने अपने ही पार्षद विपुल मोवलिया को पार्टी विरोधी गतिविधि और भ्रष्टाचार के आरोप के साथ एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। लेकिन हालात ऐसे बने कि नोटिस का जवाब देने से पहले ही पार्षद विपुल मोवलिया ने भाजपा की कंठी बांध ली। उनके साथ साथ चार पार्षद भी भाजपा में हो लिये।
सूरत में आम आदमी पार्टी को राजनीतिक रूप से हुए इस नुकसान के बाद पार्टी के 15 पार्षदों ने स्थानीय महापालिका आयुक्त के समक्ष अपनी व्यथा व्यक्त की। विरोध पक्ष के नेता धर्मेश भंडेरी ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी उनके पार्षदों को येन केन प्रकारेण लालच देकर पार्टी बदलने को विवश कर रही है। इस घटनाक्रम के बाद पालिका में आम आदमी पार्टी का विरोध पक्ष का स्थान भी संकट में आ गया है। आप पार्षदों के पार्टी बदलने के बाद देर शाम कुछ कार्यकर्ताओं ने अपने ही पार्टी बदलू पार्षदों के नाम पूतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन भी किया।
उधर सूरत जिले से सटे डांग जिले से भी आम आदमी पार्टी के लिए अच्छी खबर नहीं आ रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आप के डांग जिले के प्रमुख राम गावित ने भी अचानक इस्तीफा दे दिया है। आप प्रदेश प्रमुख गोपाल इटालिया और अग्रणी नेता यीशुदान गढवी के नाम अपने लिखे पत्र में उन्होंने पारिवारिक और स्वास्थ्य कारणों से आपका प्रमुख पद छोड़ने की बात कही है। लेकिन प्रदेश में यह घट रहा राजनीतिक घटनाक्रम कुल मिलाकर आगामी विधानसभा चुनावों की झलक के रूप में देखा जा रहा है। देखते हैं आने वाला समय राजनीतिक दृष्टि से किस करवट बैठता है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें