दक्षिण अफ्रिका में दंगों का शिकार हुए सूरत के कारोबारी

दक्षिण अफ्रिका के शहरों में इस प्रकार लूट की तस्वीरें सामने आई हैं। (Photo Credit : Twitter/@@amnistia)

दक्षिण अफ्रिका में पिछले कुछ समय से दंगे भड़के हुए हैं। ये दंगे देश के पूर्व राष्ट्रपति जेकब जूमा की गिरफ्तारी के बाद शुरु हुए हैं। दंगों का प्रकोप दक्षिण अफ्रिका के कई प्रमुख शहरों जैसे डरबन, जोहिनसबर्ग, फोनिक्स आदि में देखा जा सकता है। हालांकि परदेश में हो रहे इस घटनाक्रम का जिक्र करने का उद्देश्य यह है कि दक्षिण अफ्रिका में दक्षिण गुजरात और विशेष कर सूरत से कई लोग रोजगार की तलाश में गये हुए हैं और वे इन दंगों का बड़े पैमाने पर शिकार हुए हैं। 
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार सूरत के कारोबारी अब्दुल पटेल, आसिफ पटेल, अफरोज पटेल, भरूच के सईद, सलवारुद्दीन पटेल जैसे कई नाम हैं जो दंगों का ‌शिकार हुए हैं और अपने कारोबार, संपत्ति का नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार अब्दुल पटेल सूरत के लिंबायत के रहने वाले हैं और पिछले दो दशक से दक्षिण अफ्रिका के डरबन शहर में रहते हैं। उनके अनुसार उन्होंने अपने जीवन में इस प्रकार के हिंसक और गंभीर हालात नहीं देखे जो पिछले दिनों से नजर आ रहे हैं। 
दक्षिण अफ्रिका में रहकर आजीविका कमा रहे सूरत और दक्षिण गुजरात के प्रवासियों के यहां रह रहे परिजन उनकी जान और माल की चिंता से ग्रस्त हैं। 
गौरतलब है कि डरबन में करीबन 10 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं और उनमें बड़ी संख्या में गुजरात के लोग हैं। भारतीय मूल के इन लोगों को दंगों में काफी नुकसान उठाना पड़ा है। दंगाइयों ने इन लोगों के घर-बार, कामकाज के ठिकानों को लूट लिया है। इन्हीं पीड़ितों में से एक यासीन पटेल ने तो ऐसे हालातों का सामना किया कि मध्य रात्रि को उन्हें चोरी-छुपके किराये की कार लेकर सीमा पार करके अपनी जान बचानी पड़ी। उन्होंने फिलहाल जाम्बिया के लुसाका में शरण ले रखी है।

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