सूरत : कारोबारियों के दबाव के बाद व्यापारी संगठन कपड़ा मार्केट खुलवाने जद्दोजहद में

रिंग रोड़ स्थित सूरत टेक्सटाइल मार्केट का प्रवेश द्वार। (File Photo)

फोस्टा के बाद SGTTA ने भी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पाटिल से मिलकर लगाई गुहार

कोरोना महामारी की दूसरी लहर की भयानकता को देखते हुए प्रशासन ने सूरत शहर में कपड़ा मार्केटों में फिलहाल बंद कर रखा है। इस तालाबंदी ने व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। वर्ष 2020-21 के पहले छः महीनों में भारी नुकसान उठाने के बाद दीवाली पश्चात बाजार कुछ संभला था और कारोबारियों ने उम्मीद की थी कि उक्त वित्तीय वर्ष के नुकसान की भरपाई वर्ष 2021-22 में कर लेंगे। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने इस नये वित्तीय वर्ष का प्रारंभ भी ठीक वैसा ही किया है जैसा पिछला साल था। 
वैसे वर्तमान तालाबंदी से कारोबारी खुश नहीं हैं। इसके लिये वे व्यापारी संगठनों को दोष दे रहे हैं कि उन्होंने प्रशासन के समक्ष कपड़ा बाजार के हितों को सही ढंग से पेश नहीं किया है। मई महीने का पखवाड़ा बंदी में ही चला गया है। अब कारोबारियों के रोष को भांपते हुए व्यापारी संगठन अपने स्तर पर बाजार खुलवाले का रास्ता ढूंढ रहे हैं। 
इसी क्रम में फोस्टा के प्रतिनिधियों ने शनिवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सी आर पाटिल से मिलकर मार्केटों को दिन के समय कुछ घंटे खोलने की परमिशन दिलाने की मांग की थी, जिससे कारोबारी अपने आवश्यक काम निपटा सकें। अब रविवार को कारोबारियों के एक और संगठन साऊथ गुजरात टेक्सटाइल ट्रेडर्स ऐसोसियेशन (SGTTA ) ने भी सी आर पाटिल से मिलकर मार्केटों को सप्ताह में पांच दिन सुबह 10 से सायं 6 बजे तक खोलने देने की मांग की है। SGTTA की ओर से पाटिल को मिलने वाले अग्रणियों में अध्यक्ष सावरप्रसाद बुधिया, महामंत्री सुनील जैन आदि शामिल थे। 
अब देखना है कि पाटिल के समक्ष की गई पेशकश के बाद राज्य प्रशासन क्या रूख अखत्यार करता है। कोरोना के मामलों में पिछले सप्ताह कमी अवश्य आई है। देखना होगा कि सरकार कपड़ा मार्केटों को इस सप्ताह से खोलने की मंजूरी देती है या एक और सप्ताह तालाबंदी में ही गुजर जायेगा।

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