सूरत : वर्षों किराए के मकान में रहने के बाद ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ से मिला मुझे मेरे 'सपनों का महल' : उषाबेन

केंद्र सरकार के पुरे किया 8 साल: पीएम आवास योजना समेत अन्य योजनाएं बन रही हैं जरुरतमंदों का सबसे बढ़ा आधार पीएम आवास में विभिन्न समाजों के लोगों का सामूहिक जीवन भारतीय संस्कृति के अनुसार 'विविधता में एकता' का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण

देश में वर्तमान केंद्र सरकार के 8 साल पूरे हो चुके है। इन आठ सालों में केंद्र सरकार ने देश के लाखों लाभार्थियों के लाभ के लिए बहुत सारे काम किये है। सरकार ने देश के मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग के सपने पुरे करने की दिशा में भी काम किया है। सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं ने कई गरीब परिवारों को सहारा दिया है। इन्हं योजनाओं में से एक है प्रधानमंत्री आवास योजना। देश भर में लाखों लोगों को इस योजना का लाभ मिला और उनके सर पर अपनी छत आई है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना ने सूरत शहर में रहने वाली 72 वर्षीय उषाबेन संगड़ा को उनकी 'खुशियों की छत' प्रदान की है।
जानकारी के अनुसार दाहोद जिले की मूल निवासी और वर्तमान में सूरत के भीमराद इलाके के 'सुमन आस्था' पीएम आवास में रह रही उषाबेन सांगाड़ा कहती हैं कि प्रतिकूल हालातों में मुझे अपने पति से अलग होना पड़ा, परिणामस्वरूप, 10 वर्षीय बेटे युवराज की जिम्मेदारी मेरे उपर आ गयी। ऐसे में घर चलाना, किराया देना और बच्चे को संभालना ये सारी बड़ी जिम्मेदारी सर आई। इन कठिन दिनों में दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ रोजगार के लिए प्रमोटर के रूप में एक निजी कंपनी ज्वाइन की। मासिक वेतन जीवन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं था। इस समय उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी लेकर फार्म भरा था और ड्रा में भीमराड क्षेत्र में उन्हें अनुमानित 8।5 लाख का घर मिला जिसमें से 2।7 लाख की सब्सिडी और 5 लाख की लोन सहायता मिल गयी और इस तरह उन्हें अपना घर मिल गया। आज ये घर मेरे लिए सपनो के महल जैसा हो गया है।
इस बारे में उषाबेन ने कहा कि, पीएम आवास योजना ने मुझे रहने के लिए छत तो दी ही, साथ हीजीवन जीने का अहम आधार भी दिया। क्योंकि मेरे जैसी सिंगल मदर के लिए शहर का महंगा किराए का मकान या फ्लैट सस्ता नहीं है। इसके लिए मैं केंद्र सरकार और राज्य सरकार का धन्यवाद करता हूँ। पीएम आवास योजना के घरों में विभिन्न समाजों के लोग सामूहिक रूप से रहते हैं, और सभी त्योहारों को एक साथ मनाते हैं, जो 'अनेकता में एकता' और भारतीय संस्कृति के अनुसार 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का उत्कृष्ट उदाहरण है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें