सूरत : चंदनी पडवा पर 1.5 लाख किलो घारी और 30 हजार किलो भूसा बिकेगा

घारी बनाते कर्मचारी

घारी के भाव में 60 से 70 तो भूसा में 40 से 60 रुपये की बढोतरी

व्यापारियों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष घारी और भूसा अधिक बिकेगा
सूरत सहित गुजरात में कार्तिक बदी एकम को चंदनी पडवा के रुप में मनाया जाता है। इस दिन शहर में घारी और भूसा खाने का रिवाज है। जिससे व्यापारियों ने घारी बनाने की  तैयारी शुरू कर दी। शहर में इस दिन करीब डेढ़ लाख किलो घारी और 30 हजार किलो भूसा बिकने की उम्मीद है। शहर के व्यापारियों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष घारी और भूसा अधिक बिकेगा। 
पिछले साल सुमुल डेयरी ने 80,000 किलोग्राम और चोर्यासी डेयरी ने 5,000 किलोग्राम घारी बनाया था। जबकि सुमुल डेयरी ने इस साल 1 लाख किलो घारी बनाया जा रहा है। पिछले साल सुमुल डेयरी की कीमत 560 रुपये थी जिसे इस साल बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। साथ ही पिस्ता की घारी, केसर की घारी, मावाघारी और फ्लेवर वाली घारी के दाम 60 से 70 रुपये बढ गए हैं। जबकि भूसा की कीमत में 40 से 60 रुपये की वृद्धि हुई है। चदनी पडवा के दिन शहरवासी 10 से 12 करोड़ रुपये की घारी-भूसा चट कर जाएंगे। 
1 साल में तेल की कीमतों में 1200 का इजाफा हुआ है। साथ ही चने का आटा में 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। तो पिछले साल 1 किलो भूसा 200 रुपये से 240 रुपये में मिल रहा था। इस साल यह 250 रुपये से 300 रुपये किलो मिल रहा है। घारी बिक्रेता रोहन मिठाईवाला ने बताया कि घारी के भाव में 40 रुपये किलो की बढ़ोतरी के बावजूद कोरोना का असर न होने से इस वर्ष घारी अधिक बिकेगी। इसी क्रम में फरसाण व्यापारी आशीष पुजारा ने बताया कि इस वर्ष चंदनी पडवा की पर्व अच्छे से मनाये जाने की संभावना है, जिससे भूसा की बिक्री बढ़ने की संभावना है। 

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