तो क्या कभी ख़त्म नहीं होगा कोरोना? जानें क्या हैं शोध के नतीजे

(Photo : IANS)

हीडलबर्ग इंस्टीट्यूट ऑफ ग्लोबल हेल्थ और चाइनीज एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज की रिसर्च में सामने आई चौकने वाली जानकारी

वर्तमान में पूरी दुनिया कोरोना नाम के एक संकट से जूझ रही है। कोरोनो की दूसरी लहर पहली से भी अधिक खतरनाक साबित हुई हैं। हर बीते दिन के साथ ना सिर्फ संक्रमित मामलों की संख्या बढ़ रही बल्कि मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही हैं। हर कोई कोरोना के ख़त्म की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अभी हाल ही में एक शोध में जो सामने आया है वह लोगों के होश उड़ा देगा। शोधकर्ताओं के अनुसार, हमें कोरोना वायरस के साथ रहने की आदत डाल लेनी चाहिए। एक अध्ययन का दावा है कि ये वायरस कभी खत्म नहीं होगा। साथ ही इस वायरस का उपद्रव लंबे समय तक जारी रहेगा।
आपको बता दें कि चिकित्सा विज्ञान का भी मानना है कि किसी भी वायरस को कभी भी मिटाया या मारा नहीं जा सकता है। अब इस शोध से पता चलता है कि कोरोना वायरस साल में कई बार अपने चरम पर होगा। इसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होगी। वर्तमान में भारत में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है और तीसरे की संभावना व्यक्त की जा रही है।
प्रतिकात्मक तस्वीर
आपको बता दें कि जर्मनी में हीडलबर्ग इंस्टीट्यूट ऑफ ग्लोबल हेल्थ और चाइनीज एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज ने दावा किया है कि कोरोना वायरस सदा हमारे साथ रह सकता है। जनरल साइंटिफिक में भी उनकी शोध रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। वायरस के गंभीर रूप से बचे रहने के अलावा, रिपोर्ट में कोरोना के बारे में कई अन्य बातों का भी उल्लेख किया गया है।
इसके साथ ये भी कहा कि कोरोना दुनिया के उत्तरी और दक्षिणी देशों में अधिक कहर बरपाएगा। साथ ही, यह भी कहा गया है कि चाहे गर्मी हो या सर्दी, कोरोना की तीव्रता किसी भी मौसम में कम नहीं होगी। शोधकर्ताओं ने 117 देशों के आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की। शोधकर्ताओं का मानना है कि कोरोना को रोकने का केवल एक ही तरीका है। इसके लिए, यह आवश्यक है कि टीकाकरण के बाद भी सभी लोग कोरोना से बचने के लिए बनाए गए मानकों का पालन करें।

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