ताकि कोरोना ना फैले; चक्रवात ताउ’ते संबंधी राहत कार्यों के दौरान रैपीड टेस्ट करके ही किया जा रहा स्थानांतरण

जिला नियमन तंत्र के साथ संकलन में रहकर कर रहे है सभी जरूरी तैयारियां

एक तरफ जहां राज्य कोरोना महामारी के सामने लड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ चक्रवात ताउ’ते ने भी सरकार के सामने चुनौतियाँ खड़ी कर दी है। हालांकि राज्य सरकार द्वारा पहले से ही अलर्ट मोड ऑन कर दिया गया था और सभी तटीय इलाकों की ज़िम्मेदारी अलग-अलग मंत्रियों को दे दी गई है। जिसमें गिर-सोमनाथ की ज़िम्मेदारी शिक्षामंत्री भूपेंद्रसिंह चूड़ास्मा को सौंपी गई है। स्थानीय वर्तमान पत्र दिव्य भास्कर को दिये एक इंटरव्यू में शिक्षामंत्री ने बताया की सरकार फिलहाल दोहरी लड़ाई लड़ रही है। ऐसे में किसी की भी मृत्यु ना हो यही सरकार का संकल्प है। चक्रवात से लड़ने के लिए उन्हें गिर-सोमनाथ की ज़िम्मेदारी दी गई है। ऐसे में स्थानांतरण करते समय भी लोगों में कोरोना ना फैले इसलिए लोगों से कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाया जा रहा है। 
सरकार की चक्रवात को लेकर तैयारी के बारे में बताते हुये शिक्षा मंत्री ने कहा की मुख्यमंत्री की सूचना के अनुसार, गिर-सोमनाथ जिला नियमन तंत्र के साथ संकलन में रह कर वह सरकार को परिस्थिति से अवगत करा रहे है। कलेक्टर कचहरी के साथ बैठक कर अब तक किए काम की समीक्षा कर जरूरी सुचन किए गए थे। इस समय सरकार दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ रही है। कोरोना और चक्रवात इन दोनों में कोई भी जानहानी ना हो, इसके लिए सरकार द्वारा संकल्प लिया गया है। इसके अलावा शाम के समय चक्रवात के आने का खतरा है तो उसका आयोजन किस तरह किया जाए इस बारे में नियमन तंत्र के साथ बैठक में चर्चा की गई थी। 
शिक्षामंत्री ने बताया की स्थानांतरण के दौरान कोरोना का खतरा भी एक चिंता का विषय है। तंत्र द्वारा कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाने के सभी संभव प्रयास किए जा रहे है। जिससे की लोगों में कोरोना का संक्रमण नहीं फैले। उल्लेखनीय है की साल 2019 में आए 'वायु' चक्रवात के दौरान भी इस इलाके की ज़िम्मेदारी भूपेन्द्रसिंह चूड़ास्मा को ही दी गई थी। शिक्षा मंत्री ने कहा की जिस तरह लोग सोमनाथ महादेव पर अपनी आस्था रख रहे है, उसी तरह वह भी सोमनाथ दादा पर आस्था रखते है और वह सभी की रक्षा करेंगे ऐसा मानते है। 

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