मातृभूमि का ऋण चुका रहे समाज श्रेष्‍ठी, सूरत से राजस्थान भेजी जा रही मदद

सूरत के उद्यमी कैलाश हाकिम और उनके सहयोगियों ने झुंझूनू भेजी मदद

झुंझनू और सीकर भेजे जा रहे ऑक्सिजन सिलिंडर, मसलीसर में आईसोलेशन सेंटर शुरू करवाया

कोरोना महामारी देशभर में कहर बरपा रही है। पश्चिम भारत में गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में भी हालात विकट हैं। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में राज्य सरकारें अपने स्तर पर लोगों को मदद करने की कोशिशें कर रही हैं। लेकिन कोरोना की लड़ाई लड़ पाना अकेले सरकार के भी बस में नहीं है। इसी बात का ख्याल रखते हुए समाज के श्रेष्ठी और समाज सेवक खुद मदद की हाथ बढ़ा रहे हैं। सूरत की बात करें तो यहां भी विभिन्न सामाजिक संगठन और व्यक्ति विशेष अपने-अपने स्तर पर जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। इसी क्रम में अपनी मातृभूमि राजस्थान में महामारी के समय में विभिन्न मदद की दरकार की भनक लगते ही सूरत के समाज सेवियों ने अपने-अपने स्तर पर अभियान छेड़ दिये हैं और आईसोलेशन सेंटर खोलने से लेकर ऑक्सिजन सिलिंडर भेजने शुरु कर दिये हैं। 
इसी क्रम में बात करें तो राजस्थान के झुंझूनू में प्रतिदिन 150 सिलिंडर भेजने का जिम्मा शहर के उद्यमी कैलाश हाकिम और उनके सहयोगियों ने अपने सिर लिया है। जानकारी के अनुसार झुंझूनू में प्रतिदिन 600 सिलिंडरों की दरकार है जो स्थानीय प्रशासन विभिन्न स्त्रोतों से जुटा रहा है। सूरत से 150 ‌सिलिंडरों की व्यवस्था होने से वहां महामारी से लड़ने में अवश्य मदद मिलेगी। केलाश हाकिम ने इसके अलाला मलसीसर में 20 बैड का आईसोलेशन सेंटर भी बनाने के चक्र गतिमान कर दिये हैंऔर इसके लिये सूरत से सामग्री ट्रक के द्वारा भेज दी गई है। उनके इस कार्य में अग्रवाल विकास ट्रस्ट, रंगीला श्याम सेवा समि‌ति, नवलढ़ नागरिक परिषद और राधे-राधे ग्रुप भी सहयोग कर रहा है।
विप्र सेना की ओर से सीकर के लिये भेजे गये ऑक्सिजन सिलिंडर
उधर विप्रसेना के उपाध्यक्ष अमित खंडेला ने बताया कि उनकी संस्था ने 120 ऑक्सिजन सिलिंडर और उससे जुड़े उपकरण सीकर पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। वे शनिवार को ये सामग्री लेकर खुद रवाना हुए। इस कार्य में उनकी संस्था के राष्ट्रीय, राज्यीय और शहरी संगठनों के पदाधिकारियों का भी योगदान रहा।

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