बीते चार सालों से दो हजार के नए नोट ही नहीं छाप रही भारतीय रिजर्व बैंक

सेंट्रल बैंक की साल 2021-22 की सालाना रिपोर्ट में सामने आई जानकारी

सेंट्रल बैंक की साल 2021-22 की सालाना रिपोर्ट में इस तरह के ब्योरे सामने आए हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा देश में चार साल के लिए 2000 के नए नोटों की छपाई बंद करने के बाद से कुल मुद्रा में इन नोटों की हिस्सेदारी घट रही है।
आपको बता दें कि साल 2016 में 8 नवंबर को देश के तत्कालीन और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्कलीन समय में देश के उच्चतम 500 और 1000 रुपये के नोट रद्द कर 60 दिनों के भीतर बैंक में जमा करने का आदेश दिया था। इस समय रद्द किए गए नोटों की मात्रा अधिक होने के कारण केंद्र सरकार ने 10, 20, 50, 100, 500, 2000 रुपये के नए नोट बाजार में उतारे थे। इस समय दो हजार का नया नोट लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। जिसके बाद ये सभी करेंसी मार्केट में चल रही हैं।हालांकि, साल 2018-19 के बाद रिजर्व बैंक ने इन नए नोटों की छपाई बंद कर दी है।
गौरतलब है कि रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2022 तक देश की करेंसी में कुल करेंसी नोटों में 2,000 रुपये के नोटों की हिस्सेदारी 13.8 फीसदी थी, जो पिछले साल 17.3 फीसदी थी। मार्च 2022 तक, देश में अब कुल 214 करोड़ 2000 के नोट चलन में हैं। जो पिछले साल 245 करोड़ रुपये था। हालांकि रिजर्व बैंक ने अब 500 से ज्यादा के नोट छापना शुरू कर दिया है।

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