गुजराती फिल्मों के ‘अमिताभ बच्चन’ माने जाने लगे हैं प्रतीक गांधी, एक वेब सीरीज ने बदल दी है किस्मत

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आजकल मनोरंजन के मायने बदल गये हैं। सिनेमाघर नहीं बल्कि लोग अपने घरों के लिविंग रूम या बैड रूप में घंटों तक वेब सीरीज देखकर अपना मनोरंजन कर रहे हैं। वेब सीरीज के इसी ट्रेंड ने गुजरात के एक होनहार अभिनेता प्रतीक गांधी की भी तकदीर बदल दी है। 
जी हां, शेयर बाजार के बिग बुल माने जाने वाले हर्षद महेता के जीवन पर बनी वेब सीरीज में लीड भूमिका निभाने वाले मूलतः गुजराती कलाकार प्रतीक गांधी अब नेशनल स्टार बन गये हैं। वेब सीरीजों में सर्वाधिक लोकप्रिय सीरीज का नाम लेने को कहा जाए तो प्रतीक गांधी की ‘स्केम 92’ सबसे आगे होगी। आज गुजरात ही नहीं भारत वर्ष में प्रतीक गांधी के प्रशंसक लाखों की तादाद में बन गये हैं। 
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लगभग डेढ़ दशक से अभिनय की दुनिया में हाथ-पैर मार रहे प्रतीक गांधी गुजराती नाटकों की दुनिया में कोई नया नाम नहीं है। नाट्यमंच पर वे एक सफल कलाकार के रूप में अपनी पहचान 2005 में उनके पहले कमर्शियल नाटक ‘आ पार के पेले पार’ से ही कायम कर चुके थे, जिसके 200 से ज्यादा शो हो चुके हैं। इसके बाद प्रतीक गांधी ने अन्य कई नाटक किये। प्रतीक ने शुरुआती दिनों में काफी स्ट्रगल किया और गुजरात छोड़ अभिनय में करियर बनाने मुंबई जाकर बस गये। यहां सुबह वे नौकरी करते और शाम को थियेटर। धीरे-धीरे उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपना स्थान बनाया।
प्रतीक ने गुजराती और अंग्रेजी फिल्में भी की हैं जिसमें  उनकी गुजराती फिल्म ‘रोंग साइड राजू’ को सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। लेकिन प्रतीक की किस्मत बदली है हंसल महेता‌ निर्देशित वेब सीरीज स्केम 92 से। इस सीरीज की सफलता के बाद अब वे दो हिंदी फिल्में भी करने जा रहे हैं। वहीं उनकी गुजराती वेब सीरीज ‘विठ्ठल तीडी’ हाल ही में रीलीज हुई है। इस सीरीज को उनकी सफलता की कड़ी में दूसरा बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। 
‘विठ्ठल तीडी’ में प्रतीक गांधी की चाल-ढाल और डायलोग डिलीवरी जंजीर के जमाने के अमिताभ बच्चन से मिलती जुलती नजर आ रही है और लोग इसे काफी पसंद भी कर रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इस सीरीज में वे एक्शन मोड में नजर नहीं आये हैं। फिर भी जिस तेज गति से प्रतीक गांधी की गुजराती और हिंदी अभिनय उद्योग में पहचान कायम हुई है, इसे देखते हुए गुजरात में तो अभी से लोग उन्हें गुजराती फिल्मों का ‘अमिताभ बच्चन’ कहने लगे हैं।

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