कोरोना में लोगों की मानवता की भी हुई मृत्यु, सिविल सिक्यूरिटी गार्ड ने सगर्भा महिला को एक किलोमीटर चलवाया

बढ़ते हुये मरीजों के कारण बंद है सूरत सिविला का मुख्य द्वार, दूसरे गेट से जाने के लिए महिला को काटना पड़ा एक किलोमीटर का अंतर

कोरोना महामारी के कारण एक ओर जहां जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है, वहीं दूसरी ओर इलाज को लेकर सिविल अस्पताल की स्थिति और व्यवस्था बिल्कुल ही खराब हो चुकी है। मरीजों की बढ़ती तादाद को देखकर सिविल हॉस्पिटल के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। जिसके चलते एक गर्भवती महिला को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। 
विस्तृत जानकारी के अनुसार, पांडेसरा पीयूष पॉइंट के पास रहने वाली 30 वर्षीय आरती लव कुश विश्वकर्मा 6 महीने की गर्भवती है। आरती के पति एंब्रॉयडरी के कारखाने में काम करते हैं। पिछले सोमवार जब वह सिविल अस्पताल में जांच कराने आई तो डॉक्टर ने उसे गुरुवार को आने कहा। जिसके चलते गुरुवार को वह फिर अस्पताल आई थी। हालांकि इस बार रीक्षा में आई आरती को सिविल अस्पताल के मेन गेट से ही अंदर जाने के लिए मना कर दिया गया। इस दौरान आरती जिस रिक्शा में आई थी, वह भी चली गई थी। जिसके चलते उसे मजूरा गेट चार रास्ते से होकर दो नंबर के गेट पर से अंदर जाना पड़ा।
बता दें कि सिविल के गेट नंबर 1 से लेकर गेट नंबर 2 के बीच में लगभग 1 किलोमीटर जितना अंतर है। कड़ी धूप में पैदल चलने की वजह से महिला पसीने से भीग गई थी और उसकी सांस भी फूलने लगी थी। महिला की इतनी दयनीय हालत में भी सिविल अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड द्वारा बिल्कुल भी मानवता नहीं दिखाई जाने के कारण लोगों में काफी रोष है। 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें