अब दुनिया में चार नहीं बल्कि पांच महासागर, साउथर्न ओसियन को मिली अधिकारिक मान्यता

अंटार्कटिका महाद्वीप में स्थित साउदर्न सागर को महासागर की मान्यता मिली, नेशनल जियोग्रैफिक सोसाइटी का कहना है अंटार्कटिका दक्षिणी महासागर को पहले से ही मानते रहे हैं अलग महासागर

अगर आपसे कोई ये प्रश्न करें कि विश्व में कितने महासागर हैं तो आप क्या उत्तर देंगे? यकीनन वहीं जो अब तक आप जानते आते है। बचपन से हम सभी ने पढ़ा और जाना है कि धरती पर चार महासागर और 7 महाद्वीप है। लेकिन अब आपका ये उत्तर गलत माना जाएगा। जी हाँ अब से दुनिया में चार नहीं बल्कि पांच महासागर है। अब आधिकारिक तौर पर दुनिया में पांचवां महासागर भी अस्तित्व आ चुका है। जी हां, अंटार्कटिका महाद्वीप में स्थित साउदर्न सागर को महासागर की मान्यता मिल गई है। धरती पर पांचवे महासागर की जानकारी सामने आई है। दरअसल नेशनल जियोग्रैफिक की ओर से दावा किया गया है कि अंटार्टिका के आस-पास का इलाका धरती के साउथ पोल के पास दक्षिणी समुद्र है । 

पांचवे महासागर का नाम दक्षिणी महासागर


आपको बता दें कि इस पांचवे महासागर को साउथर्न ओसियन Southern Ocean या दक्षिणी समुद्र का नाम दिया गया है। अमेरिका द्वारा इसे आधिकारिक स्वीकृति देने के बाद अब अटलांटिक, पैसिफिक (प्रशांत महासागर), इंडियन ओसिएन यानि हिंद महासागर और आर्कटिक महासागर के बाद धरती पर दक्षिणी महासागर को पांचवे महासागर के तौर पर जाना जाएगा। नेशनल जियोग्रैफिक सोसाइटी के जियोग्राफर एलेक्स टेट का कहना है कि हम अंटार्कटिका दक्षिणी महासागर को पहले से ही अलग महासागर मानते रहे हैं। इस महासागर का पहले भी जिक्र हो चुका है, लेकिन इसे कभी भी आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं मिली थी और मैप में इसे जगह नहीं दी गई थी।

इस कारण मिली पांचवें महासागर की मान्यता


बता दें कि वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर हम शिप से दक्षिण महासागर जाते हैं तो यहां बिल्कुल अलग तरह का वातावरण महसूस करेंगे। आस-पास के वन्यजीव बदल चुके हैं, यही वजह है कि इसे अलग महासागर की मान्यता दी गई है। नेशनल जियोग्रैफिक ने 8 जून को पांचवे महासागर की खोज का ऐलान किया था क्योंकि इस दिन को विश्व महासागर दिवस यानि World Ocean Day के रूप में मनाया जाता है। महासागर की बात करें तो दुनिया का सबसे बड़ा महासागर प्रशांत महासागर है। वहीं नंबर दो पर अटलांटिक महासागर, नंबर तीन पर हिंद महासागर और नंबर चार पर दक्षिण महासागर है और सबसे छोटा महासागर आर्कटिक महासागर है। 

किस आधार पर हुआ विभाजन 


गौरतलब है कि दक्षिण महासागर पहला ऐसा महासागर है जिसका विभाजन समुद्र की लहर से किया गया है। यह इस दृष्टिकोण से पहला महासागर है क्योंकि सामान्य तौर पर महासागर का विभाजन आस-पास के भू-भाग के आधार पर किया जाता है। इस समुद्री लहर का नाम The Antarctic Circumpolar Current यानि ACC है जो धरती के लगातार घूमने, हवा और अन्य वजहों से समुद्र की लहरों का निर्माण होता है। समुद्री लहरों के अनुरूप ही समुद्र में रहने वाले जीव आवागमन करते हैं। अंटार्कटिका महाद्वीप को भी नक्शे में 1915 में शामिल किया गया था। लेकिन एनजीएस ने बाद में चार महासागरों को सीमाओं में बांधा। जिन्हें महाद्वीपों की सीमाओं के आधार पर नाम दिया गया। लेकिन इसके उलट, साउदर्न महासागर को किसी महाद्वीप के नाम से नहीं बुलाया जाएगा। ये अंटार्कटिक सर्कमपोलर करेंट से घिरा हुआ है। वैज्ञानिकों ने बताया कि अंटार्कटिक सर्कमपोलर करेंट का निर्माण 3.4 करोड़ साल पहले तब हुआ था, जब दक्षिण अमेरिका से अंटार्कटिका अलग हुआ था। 

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