मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस ने पूर्ण किए 50 स्‍वर्णिम वर्ष

इस अवसर को चिह्नित करने के लिए एक विशेष पोस्टल कवर और एक वीआईपी एल्बम भी जारी किया गया।

पश्चिम रेलवे की राजधानी एक्‍सप्रेस की पहली यात्रा की स्वर्ण जयंती बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाई गई

राजधानी एक्सप्रेस की पहली ट्रेन सेवा से यात्रा करने वाले यात्रियो में से एक 90 वर्षीय कमरुज्जमां सारंग आज के इस ऐतिहासिक दिन पर भी इस ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं
पश्चिम रेलवे की प्रतिष्ठित मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस ने 17 मई, 1972 को अपनी पहली यात्रा से लेकर अब तक 50 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर लिये हैं। इस स्वर्ण जयंती समारोह को मनाने के लिए  पश्चिम रेलवे द्वारा मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर एक गरीमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया और अत्‍यंत उत्‍साह के साथ उत्‍सवपूर्वक इस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर को चिह्नित करने के लिए एक विशेष पोस्टल कवर और एक वीआईपी एल्बम भी जारी किया गया। प्रधान मुख्य आयुक्त, मुंबई सीजीएसटी अशोक कुमार मेहता इस समारोह के मुख्य अतिथि थे और चीफ पोस्टमास्टर जनरल, महाराष्ट्र सर्किल श्रीमती वीना आर. श्रीनिवास विशिष्ट अतिथि थीं। इस अवसर पर मुंबई सेंट्रल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक  जी. वी. एल. सत्यकुमार और अन्य वरिष्ठ रेलवे अधिकारी उपस्थित थे।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस ने 17 मई, 1972 को मुंबई सेंट्रल स्टेशन (तब बॉम्बे सेंट्रल) से राष्ट्रीय राजधानी के लिए अपनी उद्घाटक यात्रा की थी। इस ट्रेन ने राष्ट्र की सेवा में 50 गौरवशाली वर्ष पूरे किए हैं और इस अवसर पर इस प्रतिष्ठित ट्रेन के प्रस्थान से पहले मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 
मुंबई सेंट्रल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक  जी. वी. एल. सत्यकुमार ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और अतिथियों का स्वागत किया। गणमान्य अतिथियों द्वारा विशेष डाक कवर और वीआईपी एल्बम जारी किया गया। इसके बाद रोटरेक्‍ट क्‍लब ऑफ एच. आर. कॉलेज के सदस्‍यों द्वारा फ्लैश मॉब स्किट का प्रदर्शन हुआ। इस प्रतिष्ठित ट्रेन में कार्यरत रेल सेवा से सेवानिवृत्त पश्चिम रेलवे के दो कर्मचारियों तथा एक वर्तमान कर्मचारी ने अपने यादगार अनुभव साझा किए। यात्रियों को स्मृति टिकट और मेमेंटो भेंट किए गए। साथ ही इस यादगार दिन पर उनकी यात्रा को संजोने के लिए तत्काल तस्वीरें ली गईं। उल्लेखनीय है कि राजधानी एक्सप्रेस की पहली ट्रेन सेवा से यात्रा करने वाले यात्रियो में से एक 90 वर्षीय कमरुज्जमां सारंग आज के इस ऐतिहासिक दिन पर भी इस ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं। मुख्‍य अतिथि अशोक कुमार मेहता द्वारा सबसे पहले उन्‍हें पश्चिम रेलवे द्वारा इस अवसर के लिए जारी विशेष सोविनियर टिकट प्रदान किया गया।
ठाकुर ने बताया कि राजधानी एक्सप्रेस उत्‍कृष्‍ट सेवाएं, तीव्र गति, समयपालनता और शानदार खानपान सेवाएं प्रदान करती है। मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस सात राज्यों से होकर 15 घंटे 32 मिनट में 1383 किमी की दूरी तय करती है। वर्ष 1972 में भारतीय रेल ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को वित्तीय राजधानी मुंबई से जोड़ने वाली देश की दूसरी राजधानी एक्सप्रेस की शुरुआत की। देश की पहली राजधानी एक्सप्रेस तीन साल पहले 1969 में हावड़ा-दिल्ली के बीच शुरू की गई थी।
मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस से संबंधित महत्‍वपूर्ण घटनाएं एवं उपलब्धियाँ 
17/05/72: 151 डाउन/152 अप राजधानी एक्सप्रेस की मुंबई-दिल्ली रूट पर शुरुआत। इस ट्रेन में चार चेयर कार, एक एसी फर्स्ट क्लास, दो एसी स्लीपर कोच थे और यह सप्ताह में दो दिन चलती थी। 1975:     ट्रेन की बारम्‍बारता को बढ़ाकर सप्ताह में तीन दिन किया गया। 02/10/81 को कोचों की संख्या बढ़कर 18 हो गई, इसे दो इंजन चलाते थे, जिसे डबल हेडेड राजधानी कहा जाता था। 19/11/82 में सप्ताह में चार दिन चलने लगी राजधानी एक्सप्रेस। 1985 में ट्रेन की बारम्‍बारता बढ़कर सप्ताह में 5 दिन हो गई। 01/11/89 में सप्ताह में छह दिन चलने लगी और ट्रेन का नंबर बदलकर 2951/2952 किया गया। भारतीय रेल पर और राजधानी एक्सप्रेस में भी पहली बार एयर ब्रेक सिस्टम की शुरुआत की गई। दो डीजल इंजन जोड़े गए और ट्रेन में अब आठ चेयर कार, एक फर्स्ट एसी, पांच एसी टू टियर कोच और दो पेंट्री कार जोड़े गए।
01/07/91 को अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस (2953/2954) का मुंबई और हज़रत निज़ामुद्दीन के बीच शुरुआत। 15/05/92 में राजधानी एक्सप्रेस में चेयर कार के डिब्बों को 3 एसी कोच से बदला गया।
02/10/2000 में  राजधानी एक्सप्रेस का दैनिक ट्रेन के रूप में परिचालन। 15/12/2003 को राजधानी एक्सप्रेस में एलएचबी कोचों की शुरुआत। 19/07/2021: 12951/52 मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में तेजस टाइप स्‍मार्ट स्लीपर कोच (भारतीय रेल में पहली बार) की शुरुआत।

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