मध्यप्रदेश : पत्नी की तकलीफ नहीं देखी गई तो 90 हजार नगद देकर इस भिखारी ने खरीदी नई बाइक

ये मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ का है जहाँ रहने वाले संतोष साहू और उनकी पत्नी मुन्नी भीख मांगकर जीवन यापन करते है

एक तरफ जहाँ किसी आम आदमी को नगद में नई बाइक खरीदना लोहे के चने चबाने जैसा है वहीं एक भिखारी ने अपनी पत्नी को तकलीफ से बचाने के लिए 90 हजार रुपये नकद में नई बाइक खरीदकर अपनी पत्नी को उपहार में दे दिया। यह मामला हम सभी के लिए बहुत ही प्रेरणादायक है। ये मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ का है जहाँ रहने वाले संतोष साहू और उनकी पत्नी मुन्नी भीख मांगकर जीवन यापन कर रहे हैं। संतोष साहू और मुन्नी दोनों विकलांग हैं और इसलिए उन्हें दूर भीख मांगने जाने में मुश्किल होती थी। उनकी हालत तो ठीक थी लेकिन पत्नी को ऐसी हालत में देखकर उन्हें बहुत दुख हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संतोष कुमार साहू और उनकी पत्नी मुन्नी छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा के रहने वाले हैं। संतोष दोनों पैरों में अपंग है। छिंदवाड़ा बस स्टैंड पर रोज भीख मांगकर पति-पत्नी अपना गुजारा करते हैं। संतोष खुद दोनों पैरों में अपंग है और उसकी पत्नी अपने साथ-साथ पति का भी ख्याल रखती है। लेकिन दोनों के बीच बहुत प्यार है और दोनों कुछ देर साथ में खाते हैं और एक ही पैसे से गुजारा करते हैं। संतोष के पास ट्राइसाइकिल है। जिससे वे चलते है। लेकिन ट्राइसाइकिल चलाते समय उन्हें कई समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। कई बार संतोष तिपहिया के सहारे भी उबड़-खाबड़ रास्तों पर ठीक से चल नहीं पाता था, तो उसकी पत्नी मुन्नी को ट्राइसाइकिल धक्का देना पड़ता था। ऐसे में संतोष के मुताबिक मुन्नी की तबीयत बिगड़ रही थी। उसके इलाज पर 50 हजार रुपये खर्च किए गए। इसके बाद मुन्नी के लिए ट्राइसाइकिल को आगे बढ़ाना बहुत मुश्किल हो गया था।
ऐसे में संतोष ने फैसला किया कि वह अब बाइक चलाएगा और उसने इसके लिए पैसे जोड़ना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं उन्हें लोगों से रोजाना करीब 300-400 रुपये मिलते थे। साथ ही दोनों समय का खाना मिल रहा है। फिर क्या था, वह इस पैसे को जोड़-तोड़ कर बचाने लगा। उन्होंने लगभग 4 वर्षों तक एक-एक रुपया जोड़ा। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी मेहनत और सूझबूझ से 90 हजार रुपये जमा किए। अब उसने वही 90 हजार रुपये नकद देकर अपने लिए एक मोपेड खरीदी है, जिससे अब उसकी पत्नी को तिपहिया पर अधिक दबाव न डालना पड़े। अब पति-पत्नी दोनों रोज इसी मोपेड पर भीख मांगने जाते हैं।

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