केबीसी : अगले सीजन के शुरुआत में सेट पर दिखाई देंगे देश के असली योद्धा, मौत को मात देकर वापस आये थे मेजर डीपी सिंह

7 अगस्त को केबीसी के मंच पर आजादी या गौरव का पर्व मनाया जाएगा। इस खास मौके पर आमिर खान, मैरिकॉम और मेजर डीपी सिंह अपने संघर्ष की कहानी साझा करते नजर आएंगे

बॉलीवुड और फिल्म जगत में महानायक माने जाने वाले अमिताभ बच्चन जल्द ही ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के नए सीजन के साथ टेलीविज़न पर वापसी करने जा रहे हैं। इस शो का 14वां सीजन 7 अगस्त से सोनी टीवी पर प्रसारित किया जाएगा। कौन बनेगा करोड़पति उर्फ केबीसी की बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है और लोग नए सीजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 7 अगस्त को केबीसी के मंच पर आजादी या गौरव का पर्व मनाया जाएगा। इस खास मौके पर आमिर खान, मैरिकॉम और मेजर डीपी सिंह अपने संघर्ष की कहानी साझा करते नजर आएंगे।
26 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने बहादुरी से पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। कारगिल युद्ध लगभग दो महीने तक चला। इस युद्ध में हमने कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन सौरभ कालिया, कैप्टन मनोज पांडे जैसे कई वीर जवानों को खो दिया। वहीं दूसरी ओर कुछ युद्ध नायक आज हमारे बीच हैं और उनमें पहले जैसा ही जोश है।
इन वीर वीरों में मेजर (सेवानिवृत्त) डीपी सिंह भी हैं, जिनकी बहादुरी के सामने दुश्मन खड़ा नहीं हो सका। बताया जाता है कि मेजर डीपी सिंह जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में सीमा पर एक चौकी के प्रभारी थे। पाकिस्तानी चौकी उनकी चौकी से करीब 80 मीटर की दूरी पर थी। इसी बीच 15 जुलाई को दुश्मन की ओर से फायरिंग शुरू हो गई। मेजर अपने बंकर के बाहर मोर्चा संभाल रहा था। उस समय पाकिस्तान की ओर से मोर्टार दागे गए थे। मेजर डीपी सिंह पहले मोर्टार से बच गए, लेकिन पाकिस्तान द्वारा दागे गए दूसरे मोर्टार में गंभीर रूप से घायल हो गए।
पाकिस्तान के हमले में घायल हुए मेजर को तुरंत अखनूर के सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हमले में मेजर डीपी के शरीर की हालत खराब थी। जान बचाने के लिए उसका एक पैर भी काट दिया गया। बहुत दर्द सहने के बावजूद मेजर ने हार नहीं मानी और तीन दिन बाद मेजर को होश आया। इस चमत्कार से हर कोई हैरान था। एक साक्षात्कार के दौरान, मेजर ने जीवित रहने की घटना को अपना पुनर्जन्म बताया।
सेवानिवृत्त मेजर में अब भी वही उत्साह है जो पहले था। वे कहते हैं, मैंने एक पैर पर रहने का फैसला किया और मैंने कर दिखाया। इतना ही नहीं उन्होंने 2009 में देश में पहली बार एक पैर की मदद से मैराथन में हिस्सा लिया और 21 किमी की हाफ मैराथन पूरी कर इतिहास भी रचा। केबीसी के प्रोमो में डीपी सिंह कहते नजर आ रहे हैं कि जब वह घायल हुए थे तो सभी जातियों और धर्मों के लोगों ने उन्हें खून दिया था। इसलिए उनकी रगों में देश का खून बह रहा है। डीपी सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय सेना के अनुशासन और प्रशिक्षण को दिया है।
केबीसी के मंच पर डीपी सिंह ने आगे कहा कि आज भी मेरे शरीर के अंदर 73 गोलियां हैं। अमिताभ बच्चन ने उनकी बहादुरी को सुनकर खुद तालियां बजाईं।

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