गुजरात के इस गाँव में लोगों ने चंदा जमा कर बनाया कोविड केयर सेंटर

कोरोना से ठीक हुये दो परिवार के सदस्यों ने मिलकर लोगों से की अपील

गुजरात भर में कोरोना के कारण कई लोग संक्रमित हो रहे है। कई लोगों द्वारा महामारी के ईस समय में लोगों की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही। ऐसे में गुजरात के केशोद में भी कुछ ऐसा ही सामने आया, जहां समाज के कुछ अग्र लोगों नें मिलकर लोगों से चंदा इकट्ठा कर एक कोविड केयर सेंटर शुरू करवाया है। जिसमें अब मरीजों की सेवा की जा रही है। 
विस्तृत जानकारी के अनुसार केशोद में, एक परिवार के 7 सदस्यों और एक अन्य पूरे परिवार को मार्च में कोरोना पॉज़िटिव पाये गए। दोनों परिवार कोरोना से अच्छी तरह से ठीक हुये। हालांकि इस दौरान ठीक होने के लिए उनको काफी तकलीफ़ों का सामना करना पड़ा। इसके बाद ही सभी समाज के अग्रजनों ने मिलकर केशोद में एक कोविड केयर सेंटर खोलने का निर्णय किया। उन सभी ने कोविड केयर सेंटर शुरू करने के विचार को बढ़ावा दिया और वहाँ ही स्थल पर 20 लाख का दान जमा हो गया। इसके बाद अन्य कई लोगों ने इसमें दान दिया। आज यह दान 55 लाख रुपए तक का हो गया है। 
कोरोना सेंटर खड़ा करने के स्थल के लिए जी.डी. वाछनी कन्या विद्यालय का भवन दिया गया। 12.50 लाख रुपये की लागत से 100 बोतल ऑक्सीजन लाएं गए।  इसके अलावा और भी 00 बोतल की कीमत 17.50 लाख रुपए की लागत से लाये गए। कोविड केयर सेंटर के अलावा, इन सिलिंडरों को जरूरतमंद कोविड रोगियों को मुफ्त में भी दिया गया। दवा, निदान, उपचार, ऑक्सीजन की मुफ्त व्यवस्था के लिए कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई। भोजन, पार्किंग, हेल्पडेस्क सहित समितियों का गठन किया। 4-4 कार्यकर्ताओं ने रोगियों और अस्पताल के बीच समन्वय के लिए टीमों का गठन किया।
सरकारी चिकित्सा अधिकारी, नर्स के अलावा, निजी डॉक्टरों ने रोगियों के उपचार की जिम्मेदारी ली। आज तक, 106 रोगियों को भर्ती किया गया है, जिसमें से 56 मरीज ठीक होकर वापिस चले गए है और 34 मरीज अभी भी भर्ती है। 12 मरीजों को अन्य अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। आमतौर पर ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीजों को प्रति दिन पांच से पंद्रह हजार रुपये की लागत से एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया जाता है। इस कोविड केंद्र में रहते हुए, सभी सेवाएं मुफ्त प्रदान की जाती हैं। 55 लाख रुपये के सामाजिक योग के योगदान से, इस केंद्र से लोगों के लाखों रुपये बचेंगे।
केशोद के जेंतिभाई मकवाना जो की इसी कोविड केंद्र में तीन दिन के उपचार से ठीक हुये थे। उनके अनुसार केशोद और आसपास के गाँव के लोगों के लिए सामाजिक अभिजात वर्ग की यह सेवा बहुत उपयोगी साबित हुई है। जयेशभाई लाडानी और भरतभाई वडालिया के परिवार, जिन्होंने कोविद केंद्र का बीजारोपण किया को धन्यवाद व्यक्त करते हुये उन्होने कहा कि यदि इसी तरह हर जगह लोग अपनी ज़िम्मेदारी समजे तो आसानी से कोरोना को हराया जा सकता है। 

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