2025 तक भारतीय टैक्सटाइल उद्योग में आयेगा बड़ा बदलाव

गोल्डन टाइम होगा शुरू, 50,000 करोड़ रूपए का अवसर


भविष्य की ऑपर्च्युनिटी को देखते हुए, भारतीय कपड़ा कंपनियों ने भविष्य की क्षमता विस्तार के लिए पहले ही निवेश बढ़ा दिया है। ट्राइडेंट, वेलस्पन, नंदन डेनिम, केपीआर मिल्स, आरएसडब्ल्यूएम, इंडो काउंट, सतलज, अरविंद, रेमंड्स, हिमित्सिंगका, नितिन स्पिनर्स और मफतलाल जैसी कंपनियों ने होम टेक्सटाइल, डेनिम और गारमेंटिंग जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश की घोषणा की है। 
महत्वपूर्ण पड़ाव से गुजर रहा भारतीय कपड़ा उद्योग
भारतीय कपड़ा उद्योग अब एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। 200 मिलियन डॉलर से अधिक के कारोबार के साथ अब 30 कंपनियां हैं, और उनमें से कई दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। एक और 100 कंपनियां हैं जिन्हें भविष्य के सितारों के रूप में देखा जाता है। हमारा मानना ​​है कि यह ऐसी कंपनियां हैं जो अग्रणी धार, अंतरराष्ट्रीय कपड़ा और गारमेंट कंपनियों के सफल ज्वाइंट ऑपरेशंस को आकर्षित कर सकती हैं। चीन और अन्य एशियाई देशों के खिलाफ सफलतापूर्वक कॉम्पिटिशन करने और नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए भारत के कपड़ा उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए एक अधिक एक्सपीरियंस और प्रोफेशनल एप्रोच लेना होगा।
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit : IndianIndustryplus.com)
टेक्सटाइल इंटीग्रेटेड पार्क पर नजरें
सूरत जो मैन मेड टेक्सटाइल फैब्रिक्स का हब है और जैसे सरकार बड़ी स्कीम लागू कर रही है] जैसे टेक्सटाइल इंटीग्रेटेड पार्क वह एक बड़ी उपलब्धि व्यापार को गति प्रदान करने के लिए मानी जा सकती है। इससे सूरत में नई मशीनरी, टेक्नोलोजी, रिसर्च एन डेवलपमेंट में भी बड़ा निवेश होगा। अनुमान लगाया जा रहा है की टेक्निकल टैक्सटाइल भी सूरत का आने वाले समय में बड़ा कंट्रीब्यूशन विश्व भर में होगा।
टेक्सटाइल मशीनरी कारोबार में बढ़ेगा
फाईबर, यार्न, टेक्सचराइजिंग, वीविंग, निटिंग, प्रोसेसिंग, फिनिशिंग, डिजिटल प्रिंटिंग, एंब्रॉयडरी, प्रिंटिंग, डाईंग, गार्मेंटिंग - इन सभी क्षेत्रों में जबरदस्त बदलाव की उम्मीद है। सूरत की सूरत और भी जायदा बदलती हुई कम समय में देख सकते हैं। टेक्सटाइल से जुड़ी मशीनरी भी 40,000 करोड़ रुपए 2025 तक पहुंचने की उम्मीद है जो अभी 25,000 करोड़ रुपए के आस पास है।

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