गुजरात : स्कैप नीति के आने के साथ ही 41.50 लाख वाहनों पर संकट, तीर बार में नहीं निकला फिटनेस टेस्ट तो हो जायेंगे कबाड़

प्रतिकारात्मक तस्वीर (Photo: twitter.com)

अगर गाड़ी 15 साल पुरानी है तो उसे फिटनेस सेंटर से सर्टिफिकेट लेना होगा और अगर वह फिटनेस सेंटर में तीन बार फेल होता है तो गाड़ी भंगार से ज्यादा कुछ नहीं मानी जाएगी

केंद्र सरकार द्वारा जारी स्क्रैप (कबाड़) नीति लागू के तहत राज्य में 15 साल पुराने वाहनों को कबाड़ में फैंक दिया जाएगा। स्क्रैप नीति की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने स्क्रैप नीति के नीतिगत नियमों को लागू करने की तैयारी कर ली है। गुजरात में अगर गाड़ी 15 साल पुरानी है तो उसे फिटनेस सेंटर से सर्टिफिकेट लेना होगा और अगर वह फिटनेस सेंटर में तीन बार फेल होता है तो गाड़ी भंगार से ज्यादा कुछ नहीं होगा।
आपको बता दें कि राज्य में स्क्रैप नीति पर चर्चा हो रही है। इसके आधार पर गुजरात सरकार नीति में संशोधन कर विधानसभा में पुलिस के मुद्दे पर चर्चा करेगी। माना जा रहा है कि नए नियमों के मुताबिक 2005 से पहले के वाहनों को खत्म कर दिया जाएगा, जिसमें दोपहिया और चार पहिया वाहनों को 15 साल की सीमा दी जाएगी। इसी नीति के तहत राज्य परिवहन विभाग ने पीपीपी के आधार पर फिटनेस सेंटर शुरू करने की तैयारी की है। फिलहाल पहले चरण में गुजरात में करीब 85 फिटनेस सेंटरों को मंजूरी दी गई है। कुछ मानदंडों के अधीन निजी फिटनेस केंद्रों को अनुमति दी जा रही है। इन फिटनेस सेंटरों में 15 साल पुराने वाहनों का सत्यापन कर प्रमाण पत्र लेना होगा। यदि वाहन फिटनेस सेंटर में निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर पाता है तो उसे फेल घोषित कर दिया जाएगा। खराब वाहनों को भंगार में भेजा जाएगा। फिटनेस सेंटर में वाहन फिटनेस की फीस जल्द ही तय की जाएगी।
गौरतलब है कि गुजरात में इस समय 41.50 लाख वाहन हैं जो 15 साल से अधिक पुराने हैं। इनमें 26.45 लाख स्कूटर, 6.34 लाख कारें, 1.11 लाख ट्रैक्टर, 1,41,000 से अधिक तिपहिया शामिल है। इन सभी वाहनों को कबाड़ नीति के तहत भंगार घोषित कर दिया जाएगा। गुजरात में सबसे ज्यादा पुराने वाहन अहमदाबाद में हैं। अहमदाबाद शहर और ग्रामीण इलाकों में कुल 20.58 लाख 15 साल से पुराने हैं। इसके अलावा वडोदरा में 1,35,433 वाहन, राजकोट में 7,36,422 और सूरत में 2,00,673 वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं।

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