नवसारी : ठंड में विदेशों से आने वाले प्रवासी पंछियों की संख्या में 70 प्रतिशत की कटौती, जानें क्या है कारण

प्रतिकात्मक तस्वीर

ग्लोबल वार्मिंग और बारिश की अनियमितता के कारण प्रवासी पंछी कर रहे है अब सौराष्ट्र और कच्छ को पसंद

पंछियों को किसी भी राज्य और देश की सीमा नहीं रोक सकती। अपनी मर्जी के अनुसार वह एक स्थान से दूसरे स्थान पर उड़कर जा सकते है। अपनी अनुकूलता के अनुसार वातावरण ढूंढते हुये पंछी कई बार हजारों किलोमीटर की यात्रा भी कर डालते है। गुजरात के नवसारी जिले का समंदर तट भी इस तरह से पंछियों के लिए काफी मशहूर है। अपने प्राकृतिक निवास स्थान पर गर्मी शुरू हो जाने पर लाखों की संख्या में कई प्रवासी पंछी नवसारी जिले के समंदर तट पर आते थे। हालांकि धीरे धीरे नवसारी के समंदर तट पर आने वाले इन पंछियों की संख्या में काफी कटौती देखने मिल रही है। धीरे-धीरे इन पंछियों की संख्या में 70 प्रतिशत की कटौती सामने आई है। 
विस्तृत जानकारी के अनुसार, नवसारी जिले में 53 किलोमीटर में फैला हुआ दांडी और उभराट यात्रियों के लिए एक पर्यटन स्थल है। साथ ही प्रवासी पंछियों के लिए भी एक निवासस्थान है। हर साल ठंड की मौसम में लाखों की संख्या में यहाँ प्रवासी पंछियों की मौजूदगी देखी जाती है। इन पंछियों में 80 विभिन्न प्रकार की प्रजातियां देखी जाती है। इन सभी में फ्लेमिंगो, ब्लेक ईगल मुख्य है। हालांकि पिछले कई सालों से विभिन्न कारणों से यहाँ आने वाले पंछियों की संख्या में कटौती देखी गई। यदि पक्षी विशेषज्ञों की बात माने तो बारिश की अनियमतिता के कारण अधिकतर पंछियों ने सौराष्ट्र और कच्छ की और अपना धावा डाला है। इसके अलावा ग्लोबल वोर्मिंग के कारण भी बदलता हुआ वातावरण पंछियों को रास नहीं आ रहा। यही कारण है की हर साल लाखों की संख्या में प्रवासी पंछियों की संख्या कम हो रही है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें