कपड़ा व्यापारियों के आगे झुकी सरकार, फिलहाल नहीं लगेगी 12 प्रतिशत जीएसटी

प्रतिकात्मक तस्वीर

जीएसटी के बढ़ते दर के कारण कपडों की कीमत में आ सकता था 20 से 25 प्रतिशत का इजाफा

सरकर द्वारा पिछले दिनों 1 जनवरी से 12 प्रतिशत जीएसटी लागू करने का निर्णय लिया गया था। हालांकि सरकार के इस निर्णय का कपड़ा व्यापारियों का भरपूर विरोध किया गया था। गुजरात के कपड़ा व्यापारियों द्वारा इस बारे में भारतीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की मीटिंग भी बुलाई गई थी। जिसमें निर्णय लिया गया कि फिलहाल कपड़े पर जीएसटी दर बढ़ाकर 12 प्रतिशत नहीं किया जाएगा और यह 5 प्रतिशत पर ही यथावत रहेगा। गुजरात के कपड़ा व्यापारियों कि शिकायत के बाद राज्य सरकार और सीआर पाटिल द्वारा भी केंद्र में पेशकश कि गई थी। इसके चलते कपड़े पर फिलहाल मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी रखने का निर्णय लिया गया है। अगली मीटिंग में सभी राज्यों के साथ चर्चा करने के बाद निर्णय लिया जाएगा कि आखिर जीएसटी बढ़ना चाहिए या नहीं?
कपड़े पर जीएसटी बढ़ाने के निर्णय के कारण कपड़ा व्यापारी काफी क्रोधित हुये थे। क्योंकि इसके कारण कपड़ों कि कीमत से 20 से 25 प्रतिशत बढ़ जाने का डर था। इसके चलते व्यापारियों को भी अपनी वर्किंग केपिटल बढ़ानी पड़ती। इसी कारण से व्यापारियों द्वारा इस निर्णय का काफी विरोध किया गया था। व्यापारियों के विरोध के चलते आज हुई जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में कल से अमल में आने वाले इस निर्णय को फिलहाल स्थगित किया गया है। 
बता दे की कल से जीएसटी की सेवाओं में होने वाले विभिन्न परिवर्तनों में परिवहन और सेवाओं पर ई-कॉमर्स सर्विस ओपरेटरों पर भी जीएसटी लागू किया जाएगा। इसके अलावा फुटवर और टेक्सटाइल सेक्टर में भी ड्यूटी स्ट्रक्चर में भी बदलाव आएगा। इसमें सभी तरह के फुटवेर पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगी, जबकि रेडीमेड गारमेंट्स (कॉटन के अलावा) सहित टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स पर भी 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। पर अब सरकार ने घोषणा की है की टेक्सटाइल सेक्टर में जो जीएसटी में इजाफा किया गया है वह फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

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