बढ़ते केसों को देखते हुये राज्य सरकार द्वारा RT-PCR टेस्ट की कीमत में की गई कटौती

मा अमृतम कार्ड की समयमर्यादा भी बढ़ाई गई, ऑक्सीज़न जनरेशन प्लांट किए जाएगे स्थापित

राज्य में बढ़ रहे केसों के कारण लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। लोग सामान्य लक्षण दिखने पर भी कोरोना का टेस्ट करवाने लगे है। ऐसे में स्थिति ऐसे है की RT-PCR टेस्ट के लिए लंबी लाइन देखने मिल रही है। लोगों को अपना रिपोर्ट दो से तीन दिन बाद मिल रहा है। वहीं दूसरी और सरकार द्वारा भी अधिक से अधिक लोग अपना टेस्ट करवा सके इसलिए रैपिड टेस्ट के सेंटर भी बनवाए गए है। इसी बीच सरकार ने लोगों को टेस्ट करवाने में और भी राहत दी है। 
सरकार द्वारा कोरोना टेस्ट करवाने की कीमत में भी कटौती की गई है। 
उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने अपने एक बयान में कहा कि, राज्य में चल रही कोरोना कि वर्तमान परिस्थिति को देखते हुये कई मरीज निजी लैब में जाकर RT-PCR टेस्ट करवा रहे है। ऐसे में उन्हें राहत देने के लिए राज्य सरकार द्वारा टेस्टिंग कि कीमतों में कटौती करने के निर्णय लिया गया है। अब से मरीज के घर पर जाकर जो टेस्ट किया जाता है उसके 1100 रुपए कि जगह 900 और लैब में जाकर टेस्टिंग करने पर 800 कि जगह 700 रुपए ही देने पड़ेंगे। इसके अलावा माँ अमृतम कार्ड को लेकर भी एक महत्व का निर्णय लिया गया है। 
राज्य सरकार द्वारा कहा गया कि जिस किसी के पास भी मा कार्ड है और उनकी वेलीडिटी खतम हो चुकी है। उन सभी के लिए मा कार्ड कि वैलिडीटी 30-6-2021 तक के लिए बढ़ा दी गई है। ऐसे मरीज 30 जून 2021 तक अपने कार्ड का इस्तेमाल कर सकेगे। इसके अलावा रेमड़ेसिविर इंजेकेशन के बारे में बात करते हुये नितिन पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा हर दिन 20 हजार इंजेक्शन दिये जा रहे है। इसके अलावा निजी अस्पतालों को भी इंजेक्शन दिये जा रहे है। 
आगे बात करते हुये नितिन पटेल ने कहा कि राज्य सरकार की 11 अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के लिए PSA मेडिकल ऑक्सीज़न जनरेशन प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इन अस्पतालों में अहमदाबाद की सिविल अस्पताल तथा सोला GMERS, वडोदरा की गौत्री GMERS, पाटन की धारपुर GMERS, जूनागढ़ की GMERS अस्पताल, जनरल अस्पताल, बोटाद, लुनावाड़ा, महेसाणा, पोरबंदर, सुरेन्द्रनगर, वेरावल में मेडिकल ऑक्सीज़न जनरेशन प्लांट प्रस्थापित करने का आयोजन किया जा रहा है। 

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