चार साल की मेहनत, दिन में घंटों पढ़ाई, निरंतर अभ्यास और धैर्य सबने मिलकर बनाया श्रुति को इस साल का यूपीएससी टॉपर

संघ लोक सेवा आयोग के परिणाम में लड़कियों का दबदबा, इतिहास की छात्रा श्रुति शर्मा रही सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम स्थान पर

कल यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग का परिणाम आया जिसमें इतिहास की छात्रा श्रुति शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इतना ही नहीं, टॉप 5 में से 4 स्थानों पर लड़कियों का ही दबदबा रहा। प्रथम स्थान पर रहीं श्रुति शर्मा उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली हैं। उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर किया।
यूपीएससी द्वारा नियुक्ति के लिए कुल 685 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई थी। इनमें 244 सामान्य, 73 ईडब्ल्यूएस, 203 ओबीसी, 105 एससी और 60 एसटी वर्ग के उम्मीदवार शामिल हैं। शीर्ष 25 में 15 पुरुष और 10 महिलाएं शामिल हैं। वहीं सफल उम्मीदवारों में महिलाओं ने पहले 4 स्थान पर कब्जा किया है। महिलाओं ने कहा कि वे महिला सशक्तिकरण और शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करना चाहती हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास (ऑनर्स) से स्नातक करने वाली श्रुति शर्मा ने परीक्षा में इतिहास को वैकल्पिक विषय के रूप में रखा। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की है। श्रुति शर्मा ने कहा कि उनके 'बेहद सहयोगी' माता-पिता और दोस्तों ने इस यात्रा में उनकी मदद की। धैर्य और स्वाध्याय ने मेरी बहुत मदद की है। वहीं कई घंटों तक की गई पढ़ाई सफलता के लिए बहुत जरूरी है। इसके अलावा श्रुति शर्मा ने अपने पहले विकल्प के तौर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा को चुना।
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रुति पिछले 2 साल से मेहनत कर रही है, जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्थित रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी से कोचिंग कर 4 साल से आईएएस की तैयारी कर रही है। श्रुति शर्मा की निजी जिंदगी की बात करें तो वह बस्ता, चांदपुर, बिजनौर की रहने वाली हैं। जिस घर में मां गृहिणी है, उस घर में उसके माता-पिता और एक भाई है। पिता दिल्ली में प्राइवेट स्कूल चलाते हैं।
बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने सफल छात्रों को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने ट्वीट कर सिविल सेवा परीक्षा-2021 में सफल हुए सभी उम्मीदवारों को बधाई दी।

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