नम आंखों से दी बप्पा को विदाई

बप्पा को विदाई

महोत्सव के आठवें दिन गणेश पूजा-अर्चना के बाद सैकड़ों प्रतिमाओं को श्रद्धाभाव से विदाई

सिलवासा. जैसे-जैसे अनंत चतुर्दशी नजदीक आ रही है वैसे-वैसे गणेश भक्तों की आस्था व भक्ति बढ़ती जा रही है। महोत्सव के आठवें दिन शुक्रवार को गणेश-गौरी पूजा-अर्चना के बाद सैकड़ों प्रतिमाओं को श्रद्धाभाव से विदाई दी गई। 
दोपहर के बाद अथाल में दमणगंगा घाट गणपति बप्पा मोरिया..., अगले वर्ष जल्दी आ... से गूंज उठा। विसर्जन के दौैरान अबीर-गुलाल से खुशी मनाते भक्त जमकर झूमते नजर आए। विसर्जन रैलियों के दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की। मूर्ति विसर्जन के लिए फायर ब्रिगेड के जवान भी मौके पर तैनात रहे। सातवें दिन बप्पा की 150 से अधिक सवारी निकली। कहीं बप्पा देवाधिदेव के रूप मे नजर आए तो कहीं बाल गणेश। दादरा, रखोली, नरोली, किलवणी, रांधा, खानवेल, रूदाना में भी बड़ी संख्या में सृष्टि विनायक को नम आंखों से विदाई दी गई। गणेशोत्सव में इस वर्ष स्थापित गणेश प्रतिमाओं की संख्या अन्य वर्षो की तुलना में कम है, तो वहीं प्रशासन व पुलिस भी श्रद्धालुओं का साथ देते नजर आ रही है। पुलिस दोपहर से ही विसर्जन घाटों पर गश्त लगाती नजर आई। चार से पांच भक्तगण साधारण तौर पर मास्क पहनकर विसर्जन घाट पर आ रहे थे। भीड़ की कमी ने पुलिस के काम के तनाव को भी कम किया।

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