सूरत में लैबग्रोन डायमंड की डिमांड बढऩे से निर्यात भी बढ़ा

व्यापारियों की संख्या 800 के पार

डायमंड सिटी के नाम से मशहूर सूरत शहर में लैबग्रोन डायमंड्स के कारोबार में भी सबसे आगे हैं। पिछले दो साल में सूरत से लैबग्रोन डायमंड्स का निर्यात 304 फीसदी बढ़ा है। पहले शहर के केवल 20 प्रतिशत व्यापारी ही लैबग्रोन डायमंड के कारोबार में शामिल थे। अब यह संख्या 800 पहुंच गई है। पिछले एक वर्ष में आर्टिफिश्यल हीरे की डिमांड बढ़ी है। जिसके कारण निर्यात भी बढ़ा है। जेम एन्ड ज्वैलरी प्रमोशन काउंसिल से मिले आंकड़ो पर नजर डाले तो दो वर्ष पहले सूरत से लेबग्रोन डायमंड  निर्यात केवल नाममात्र था, जो अब तीन गुना बढ़ा गया। 
2019-20 के पहले चार महीनों में लैबग्रोन हीरे का निर्यात 121 मिलियन युएस डॉलर था। 2021-22 के पहले चार महीनों में इसका निर्यात 9 369 मिलियन तक पहुंच गया। दो साल में कृत्रिम हीरों का निर्यात 304 फीसदी बढ़ा है। सूरत के हीरा उद्योग में लैबग्रोन डायमंड की 800 से अधिक इकाइयाँ हैं। जिसमें करीब डेढ़ लाख कारीगर काम कर रहे हैं।
हीरा कारीगर जो पहले नेचुरल डायमंड के लिए काम करते थे। वह अब लैबग्रोन डायमंड के लिए काम करने की ओर रुख कर रहा है। सूरत में नैचुरल डायमंड की करीब 6 हजार यूनिट हैं। सूरत में लैबग्रोन डायमंड एसोसिएशन के अध्यक्ष के मुताबिक कुछ साल पहले लोग सूरत में लैबग्रोन डायमंड का व्यापार करने से डरते थे। विदेशों में इसकी मांग कम थी। इसके अलावा कुछ व्यापारियों ने इसे प्राकृतिक हीरे के साथ मिलाकर बेचा। लेकिन विदेशों में इसकी मांग दो साल में 300 फीसदी बढ़ गई है। अमेरिका और हांगकांग में भी आर्टिफिशियल डायमंड की डिमांड बढ़ी है। जिससे अब सूरत के हीरा व्यापारी भी लैबग्रोन डायमंड की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
लेबेग्रोन डायमंड का निर्यात
वर्ष 2019 (अप्रैल-जुलाई) 121 मिलियन युएस डॉलर
वर्ष 2021 (अप्रैल-जुलाई) 369 मिलियन युएस डॉलर
नेचरल हीरे का निर्यात
वर्ष 2019 (अप्रैल-जुलाई) 6704 मिलियन युएस डॉलर
वर्ष 2021 (अप्रैल-जुलाई) 8522 मिलियन युएस डॉलर

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