सूरत सहित दक्षिण गुजरात की अस्पतालों में तत्काल ऑक्सिजन आपूर्ति के लिए जिला कांग्रेस कमिटी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा

दक्षिण गुजरात की अस्पतालों में तत्काल ऑक्सिजन आपूर्ति के लिए जिला कांग्रेस कमिटी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा

सूरत सहित दक्षिण गुजरात में कोरोना मरीजों के लिए तत्काल युध्दस्तर पर ऑक्सिजन उपलब्ध कराने के लिए जिला कांग्रेस कमिटी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखाकर कोरोना की स्थानिय गंभीर परिस्थिति से अवगत किया।

ऑक्सिजन के अभाव से सरकारी-‌निजी अस्पताल में नए गंभीर मरीजों को भी भर्ती नही किया जा रहा
 सूरत में सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण गंभीर रूप से बीमार रोगियों के प्रवेश को रोक दिया गया है। जिसके कारण बुधवार को शहर में अराजकता के बीच सूरत जिला कांग्रेस कमेटी ने आज सूरत सहित दक्षिण गुजरात के सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति करने के लिए मुख्यमंत्री रूपानी को एक लिखित पत्र सौंपा। 
पूर्व केंद्रीय मंत्री तुषारभाई चौधरी, मांडवी विधायक और सूरत जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंदभाई चौधरी और सूरत जिला पंचायत के पुर्व नेता प्रतिपक्ष और किसान नेता दर्शनभाई नायक ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को एक संयुक्त निवेदन में कहा कि गुजरात में कोविड -19 वायरस का संक्रमण दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। दक्षिण गुजरात में भी कोविड -19 वायरस से संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़ रही है, जबकि ऑक्सीजन की कमी के कारण कोरोना के रोगियों की हालत बिगड़ रही है। दक्षिण गुजरात में ऑक्सीजन की मांग दिन पर दिन बढ़ती जा रही है और सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी है।
दक्षिण गुजरात के हजीरा में आईनॉक्स कंपनी, लिंडे इंडिया लिमिटेड और दाहेज की बिरला कॉपर कंपनी, भरूच की जीएनएफसी कंपनी और सूरत में पद्मावती प्रोडक्शन और  विज्ञेय प्रोडक्शन जैसी कंपनियों में लगभग 400 से 500 टन लिक्वीड ऑक्सिजन उत्पादन होता है। सूरत में निजी और सरकारी अस्पतालों में कोरोना के गंभीर रोगियों के लिए हररोज लगभग 210 से 230 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है। दक्षिण गुजरात में पर्याप्त ऑक्सीजन उत्पादन के बावजूद  सूरत में ऑक्सीजन की मात्रा पर्याप्त नहीं है। दक्षिण गुजरात में कोविड -19 रोगियों की सही संख्या और मौतों का खुलासा स्वास्थ विभाग द्वारा केंद्र सरकार के समक्ष नहीं किया जा रहा है। परिणामस्वरूप सूरत सहित दक्षिण गुजरात में कोविड -19 की स्थिति को केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो गई है ।
सूरत मेडिकल एसोसिएशन ने भी जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर यदी ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलती है तो शहर की स्थिति खराब होने की संभावना व्यक्त की है। इसके अलावा सूरत जिला कांग्रेस ने कहा कि प्रशासन को बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोरोना रोगियों और मौतों का सही आंकड़ा नहीं देने के कारण सूरत के क्वोटा में ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी की गई है। जिसके कारण कोरोना रोगियों की गंभीर स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है ? क्या केंद्र और राज्य सरकारों के समक्ष सूरत की कोरोना स्थिति को अच्छी तरह से दिखाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना रोगियों और मौतों की सही संख्या को सार्वजनिक किया जाना चाहिए और केंद्र सरकार को सूरत सहित दक्षिण गुजरात में कोविड -19 वायरस की स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए और आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त ऑक्सीजन प्रदान करना चाहिए ताकि जो मरीज ऑक्सीजन की कमी के कारण गंभीर स्थिति में हैं उन्हे चिकित्सा मिल सके। 

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