वडोदरा में कांग्रेस ने भाजपा की पैनल तोड़ी, स्टेन्डिंग कमीटि के चेयरमैन हारे

मनपा में से मात्र वडोदरा में मेयर पद की सीट ढाई साल के लिए बिन आरक्षित है। इसलिए अब किस कॉर्पोरेटर को यह पद मिलेगा इस पर सबकी नजर है।

भाजप में अब मेयर पद की दावेदारी लगी

वडोदरा में 76 बैठको में से भाजपा के 69 उम्मीदवारों की विजय हुई है। इस माहौल में भी वडोदरा के कांग्रेस के पूर्व नेता भाजप की पैनल को तोड़कर अपना अस्तित्व बचाने में सफल रहे। लेकिन एक विपक्षी नेता जो कि 7 टर्म से जीत रहे थे उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

भाजपा के बड़े नेता गिने जाने वाले स्टैंडिंग कमेटी के पूर्व चेयरमैन सतीश पटेल को हार का मुंह देखना पड़ा।  6 मनपा में से मात्र वडोदरा में मेयर पद की सीट ढाई साल के लिए बिन आरक्षित है। इसलिए अब किस कॉर्पोरेटर को यह पद मिलेगा इस पर सबकी नजर है। भाजप के प्रत्याशियों की पसंदगी को लेकर बदले नियम के चलते सभी में यह चर्चा का विषय बना है। इस चुनाव में कांग्रेस 14 में से सिर्फ सात बैठक जीत पाई है। 

कांग्रेसी नेता चिराग जवेरी को भी शर्म जनक हार का सामना करना पड़ा

कांग्रेस के बाकी के साथ प्रत्याशी हार गए हैं ।दूसरी ओर कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने अपनी ओर मतदान कराने का रास्ता तैयार करके यह जीत हासिल की है। वडोदरा में 7 बार से जीतने वाले कांग्रेसी नेता चिराग जवेरी को भी शर्मजनक हार का सामना करना पड़ा। वार्ड नंबर 16 में कांग्रेस के नेता और पूर्व विरोध पक्ष के नेता चंद्रकांत भथ्थु और उनके साथी सीनियर अग्रणी अलका बहन पटेल ही जीत सकी।

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